राजनीति

पागल महबूबा ने भारत के खिलाफ फिर उगला जहर, बोली “हमें गोडसे के हिंदुस्तान में नहीं रहना है”

अगर महबूबा को भारत में नहीं रहना है तो फिर अपने आका के पास पाकिस्तान चले जाना चाहिए ?

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को धमकी भरे लहजे में कहा कि कश्मीर को भारत में बनाए रखने के लिए केंद्र के पास केवल तीन तरीके हैं – “धारा 370 को वापस लौटाएं, पाकिस्तान से बात करें और कश्मीर मुद्दे का समाधान करें”।

महबूबा ने बुधवार को कश्मीरियों को भड़काने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। महबूबा ने एक जनसभा में कहा कि गुस्सा और बंदूकें किसी समस्या का समाधान नहीं हैं। अमेरिकियों ने इसे अफगानिस्तान में आजमाया लेकिन असफल हो गये। जब मैं उनसे [केंद्र] पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए कहती हूं, तो मुझे देशद्रोही कहा जाता है। वही लोग अब तालिबान और चीन से बात कर रहे हैं।

चीन वही देश है जिसने अरुणाचल प्रदेश में एक गांव बसाया और लद्दाख में भी प्रवेश किया है। जब आप चीन और तालिबान से बात कर सकते हैं तो फिर मैं बातचीत की वकालत करती हूं तो नाराज क्यों हो जाते हैं?” मुफ्ती ने जम्मू क्षेत्र के बनिहाल के नील गांव में एक रैली को संबोधित करते हुए ये भारत विरोधी बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के साथ विश्वासघात किया गया है उन्हें नाराज होना चाहिए, जिनकी सुरक्षा छीन ली गई है उन्हें गुस्सा होना चाहिए और जो चुप हो गए हैं उन्हें नाराज होना चाहिए। “एक दिन, हमारा गुस्सा बोलेगा,” महबूबा मुफ्ती ने कहा, उन्हें श्रीनगर में नजरबंद कर दिया गया और हैदरपोरा घटना के पीड़ित परिवारों से मिलने से रोक दिया गया। ये गलत है। टुकड़े- टुकड़े गैंग के फनकार महबूबा मुफ्ती ने लोगों को उकसाते हुए कहा, “लोगों को संविधान द्वारा गारंटीकृत विशेष दर्जे की बहाली के समर्थन में संघर्ष करने की आवश्यकता है”।

महबूबा ने आगे कहा कि हमारी किस्मत का फैसला महात्मा गाँधी के भारत के साथ किया था, जिसने हमें अनुच्छेद 370 दिया, हमारा अपना संविधान और झंडा दिया। हमलोग गोडसे के साथ नहीं रह सकते। अगर वो हमारी हर चीज छीन लेंगे तो हम भी अपना फैसला वापस ले लेंगे। उन्हें सोचना होगा। अगर वो अपने साथ जम्मू कश्मीर को रखना चाहते हैं तो उन्हें अनुच्छेद-370 को वापस बहाल करना होगा और कश्मीर मुद्दे का समाधान करना होगा।”

महबूबा मुफ्ती ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा कि, हमे गांधी वाले भारत के साथ रहना है । हम गोडसे वाले हिंदुस्तान के साथ नहीं रह सकते। महबूबा मुफ़्ती ने लोगों को एकजुट रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा संविधान ने दिया था, जिसके समर्थन में संघर्ष है। उन्होंने ये भी कहा कि लोग अपनी ‘पहचान एवं सम्मान’ की सुरक्षा के लिए अपनी आवाज़ मुखर करें।

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