ईद के मौके पर योगी आदित्यनाथ ने तोड़ी ये वर्षों पुरानी परंपरा – देखें वीडियो

लखनऊ सोमवार को पूरे देश में ईद का जश्न था लेकिन उत्तर प्रदेश के मुसलमानों के लिए यह ईद थोड़ी फीकी रही। ऐसा इसलिए क्योंकि उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार ईद के मौके पर ईदगाह नहीं गये, जिसकी वजह से वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई। Yogi adityanath breaks tradition.

योगी आदित्यनाथ ने ईद पर तोड़ी वर्षों पुरानी परंपरा :

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश का करीब हर मुख्यमंत्री ईद के मौके पर ऐसबाग ईदगाह जाता रहा है, लेकिन योगी इस बार वहां नही गये जिसकी वजह से यह वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई। हालांकि, योगी भले ही ईदगाह नहीं गये मगर यूपी के राज्यपाल राम नाईक, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ईदगाह पहुंचे और लोगों को ईद की बधाई भी दी।

इससे पहले वर्षों से चली आ रही मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर रोजा इफ्तार पार्टी दिए जाने की परंपरा भी इस साल टूट गई। इस परंपरा के मुताबिक रमजान के महीने में सूबे के मुख्यमंत्री की ओर से रोजा इफ्तार की पार्टी दी जाती थी, लेकिन योगी ने इस बार ऐसा नहीं किया। आपको बता दें कि योगी राजभवन में 23 जून को आयोजित इफ्तार पार्टी में भी नहीं शामिल हुए थे।

मांस फेंक सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश :

लखनऊ के ऐसबाग ईदगाह में हजारों नमाजियों ने देश की सलामती के लिए दुआ की। सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त के बीच ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद लोग एक दूसरे के गले मिले।  हालांकि, इस साल भी ईद के मौके पर कश्मीर को छोड़कर हर जगल शांति रही, लेकिन मऊ के नसीरपुर गांव में मस्जिद में पिछले सप्ताह एक व्यक्ति की हत्या होने के कारण गांव वालों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। वहीं इसी गांव में मस्जिद में मांस का टुकड़ा फेंककर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश की गई। देश के सभी प्रमुख राज्यों में कहीं से भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

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