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सीएम योगी की सुरक्षा में चूक, एक दारोगा और 6 कॉन्सटेबल सस्पेंड, 14 गिरफ्तार!

लखनऊ: बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया, मगर उनकी सुरक्षा में एक बड़ी चूक हो गई, नतीजतन 14 छात्र छात्राओं को गिरफ्तार किया गया और एक दारोगा समेत 7 पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए. दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ विश्वविद्यालय में हिन्दवी स्वराज समारोह में शामिल होने आये थे, ऐसे में छात्र छात्राओं का एक समूह उनका विरोध करने लगा.

छात्र छात्राओं ने सीएम की गाड़ी को रोका :

काला झंडा लिए छात्र छात्राओं का एक समूह सीएम की गाड़ी के आगे कूद गया और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगा. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि ऐसा हो सकता है. छात्र समारोह में धन के दुरूपयोग का विरोध कर रहे थे, इस घटना के दौरान करीब 5 मिनट तक छात्र छात्राओं ने सीएम की गाड़ी को घेरे रखा, पुलिस ने लाठियां भांजकर वहां से छात्र छात्राओं को हटाया, एसपी दीपक कुमार के अनुसार 14 स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किये गए छात्र छात्राएं समाजवादी छात्र सभा, आईसा और एसएफआई जैसे गैर भाजपा समर्थित संगठनों से जुड़े हैं. इस घटना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की क्लास ली जिसके बाद एसएसपी ने एक दारोगा और 6 सिपाहियों को निलंबित कर दिया.

आपको बता दें कि इस काम को अंजाम देने वाले छात्र छात्राओं के गुट का नेतृत्व शोध छात्र अनिल सिंह मास्टर कर रहे थे, उनका कहना है कि समारोह के नाम पर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के पैसे का दुरूपयोग कर रहा है, जो कि अनुचित है, यह रकम छात्रहित में खर्च की जानी चाहिए. छात्रों ने विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और दाखिले में धांधली के मुद्दे को भी उठाया, परिसर में कानून व्यवस्था की अनदेखी और अपराध पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की. घटना के दौरान प्रदर्शनकारी छात्र छात्राएं सीएम योगी की गाड़ी की तरफ बढे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र छात्राओं और पुलिस बल में झड़प होती रही. फिर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती कर उन्हें तितर बितर कर दिया.

गिरफ्तार किये गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस कोतवाली ले आई. मगर देर रात तक यह तय नहीं किया जा सका कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाये, वहीँ दूसरी तरफ गिरफ्तारी की खबर पर समाजवादी छात्र सभा के नेताओं ने हसनगंज कोतवाली पर हंगामा करना शुरू कर दिया, जिसके बाद आसपास के थानों से पुलिस फोर्स भी बुलाई गई ताकि कोई बड़ा बवाल होने से बचाया जा सके. आपको बता दें कि इंटेलिजेंस विभाग ने पहले ही यह सूचना दे दी थी कि कार्यक्रम के दौरान सीएम का विरोध हो सकता है, इस आधार पर पुलिस ने तीन छात्रों को हिरासत में ले लिया था. ऐसे में पकड़े गए छात्रों के साथी काले झंडे लेकर आये और विरोध प्रदर्शन किया.

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