राजनीति

फिर मुंह ताकते रह गए चीन और पाकिस्तान! ISRO ने किया GSLV- MK 3 रॉकेट को लॉन्च!

तिरुवनंतपुरम – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बार फिर सबको आश्चर्यचकित कर दिया है। इसरो ने आज देश की सबसे भारी सैटलाइट GSLV-Mk 3 को लॉन्च कर एक नया कृतिमान बनाया है। इसरो ने भारत के सबसे वजनी रॉकेट को सोमवार को शाम 5:28 बजे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जो ठिक 16 मिनट बाद अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया। यह रॉकेट करीब 200 हाथियों जितना भारी है। isro launches GSLV MK 3.

लॉन्‍च हुआ सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 :

GSLV MK 3 के तौर पर भारत द्वारा अभी तक के सबसे विशाल रॉकेट का प्रक्षेपण करना सेटेलाइन जीसैट-19 के संचार में एक गेमचेंजर साबित होगा, जो आने वाले दिनों में संचार और इंटरनेट की दुनिया में क्रांति ला देगा। जीसैट-19 अकेले पुराने 6-7 संचार उपग्रहों की बराबरी कर सकता है।

फिलहाल तो भारत के 41 उपग्रहों में से 13 संचार उपग्रह हैं। लेकिन, इस स्वदेशी उपग्रह के सफल प्रक्षेपण से डिजिटल इंडिया को ताकत मिलेगी। इसरो के मुताबिक GSLV MK 3 जियोस्टेशनरी रेडिएशन स्पेक्ट्रोमीटर लगा है जो उपग्रह पर स्पेस रेडिएशन और चार्ज पार्टिकिल्स के असर की जानकारी देता रहेगा।

कैसे काम करेगा GSLV MK-3 :

isro launches GSLV MK 3

GSLV MK-3 पूरी तरह से भारत में बना हुआ है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में इसरो को 15 साल लगे। इस रॉकेट में एक क्रायोजेनिक इंजन लगा है, जो लिक्विड ऑक्सीजन और हाइड्रोजन का ईंधन के रुप में इस्तेमाल होता है। बात करें कि ये काम कैसे करता है तो रॉकेट में पहले चरण में बड़े बूस्टर जलते हैं, उसके बाद इसमें लगे सेंट्रल इंजन अपना काम शुरू करता है।

धरती से कम ऊंचाई वाले ऑर्बिट तक 8 टन वजन ले जाने की क्षमता रखता है। जो फिल्हाल भारत के क्रू को लेकर जाने के लिए काफी है। इसरो पहले ही स्पेस में 2 से 3 सदस्यों भेजने की योजना बना चुका है। इसके लिए सरकार कि ओर से करीब 4 अरब डॉलर का फंड मिलने का इंतजार है।

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