नई दिल्ली – हाल ही में 4 देशों के दौरे पर रुस गए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कई डील पर करार हुआ। इनमें से एक डील ऐसी भी थी जिससे भारत का सुरक्षा तंत्र इतना मजबूत हो जाएगा कि चीन और पाकिस्तान जैसे देश आंख उठने की हिम्मत भी नहीं कर सकेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एस 400 डिफेंस सिस्टम को लेकर डील हुई है और ये जल्द ही ये भारत के पास होगा। यह डिफेंस सिस्टम एक साथ 36 मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। जिसके बाद पाकिस्तान और चीन को हमारे ऊपर आंख उठाने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा। S-400 triumf missile deal with Russia.

डिफेंस सिस्टम से चीन और पाक को देंगे टक्कर :

पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कई समझौते हुए, जिनमें सबसे अहम रहा – एस-400 डिफेंस सिस्टम। इसपर दोनों देशों के बीच डील पक्की हो गई है और जल्द ही ये भारत को मिल सकता है। इस डिफेंस सिस्टम की विशेषता कि बात करें तो यह एक साथ 36 मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। विशषतौर पर पाकिस्तान और चीन से हमले की स्थिति में भारत इस सिस्टम का बेहतर इस्लेमाल कर सकेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल गोवा में हुए ब्रिक्स समिट के दौरान भारत और रुस के बीच 32 हजार करोड़ से ज्यादा की डिफेंस डील हुई थी। जिसके तहत रूस भारत को पांच ‘S-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ और 200 ‘कामोव केए-226 टी’ हेलिकॉप्टर देगा। इसके अलावा, 40 हेलिकॉप्टर भी रूस से खरीदे जाएंगे।

 कैसे काम करता है S-400 मिसाइल सिस्टम :

S-400 एक विमान भेदी मिसाइल है, जो रूस की नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का हिस्सा है। S-400 को साल 2007 में रूसी सेना में शामिल किया गया था। इस डिफेंस सिस्टम से दुश्मन के विमानों, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों तथा जमीनी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। S-400 400 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं।

इस डिफेंस सिस्टम से एक साथ तीन मिसाइलें दागी जा सकती हैं। S-400 से मिसाइल और ड्रोन तक की की मौजूदगी का पता लगाकर किसी भी हवाई हमले को आसानी से नाकाम किया जा सकता है। यह डिफेंस सिस्टम भारत को पाकिस्तान और चीन की न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइलों से कवच की तरह काम करेगा।

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