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इंदिरा गांधी की करीबी दोस्त हुआ करती थी तेजी बच्चन, इस वजह से टूट गई थी इनकी दोस्ती

अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन इंदिरा गांधी की बेहद ही करीबी दोस्त हुआ करती थी और ये अक्सर इनके घर जाया करती थी। हालांकि इंदिरा गांधी की एक बात से नाराज होकर तेजी बच्चन ने इनसे सारे नाते तोड़ लिए और इनकी दोस्ती पूरी तरह से खत्म हो गई।

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या तक दोनों परिवारों के संबंध बहुत अच्छे थे। अमिताभ और राजीव गांधी के बीच भी काफी दोस्ती थी। कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन 13 जनवरी 1968 की सुबह कड़ाके की सर्दी में पालम एयरपोर्ट पर अपनी दोस्ती की होने वाली पत्नी सोनिया गांधी को लेने पहुंचे थे। इस दिन सोनिया गांधी, राजीव की मंगेतर के रूप में भारत आई थीं।

सोनिया को तेजी बच्चन ने अपने घर में ठहराया था और तेजी ने उनको भारतीय संस्कृति और तौर तरीकों के बारे में समझाया था। दरअसल शादी के कुछ हफ्तों पहले ही सोनिया दिल्ली आ गई थीं। शादी से पहले बहू अपने ससुराल में नहीं रुक सकती थीं। इसी वजह से वे तेजी बच्चन के घर जाकर ठहरी थीं। इस दौरान तेजी ने उन्हें शादी की रस्मों और इंडियन कल्चर के बारे में जानकारी दी थी। यहां तक शादी की कुछ रस्मे में भी उनके घर पर ही हुई थीं।

इस वजह से टूटी दोस्ती

पत्रिका ‘सूर्या’ के अनुसार साल 1980 में इंदिरा ने तेजी बच्चन की जगह राज्यसभा सीट के लिए नरगिस को चुना था। ये बात तेजी बच्चन को बहुत बुरी लगी। यहां से ही इन दोनों परिवार के रास्ते अलग हो गए। उस दौरान इंदिरा गांधी ने अपने फैसले पर सफाई देते हुए ये कहा था कि नरगिस इस पद को किसी और की तुलना में अधिक डिजर्व करती हैं।

संजय गांधी के निधन के बाद राजीव गांधी ने राजनीति में कदम रखा तो अमिताभ बच्चन को कांग्रेस में शामिल कर लिया। अभिनेता ने इलाहाबाद से चुनाव भी लड़ा और सांसद चुने गए। हालांकि बोफोर्स पर विवाद के बाद अमिताभ बच्चन ने इलाहाबाद से सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया और राजनीति को अलविदा कह दिया।

अमिताभ के पार्टी छोड़ने से राजीव गांधी को काफी नुकसान हुआ और इनकी पार्टी चुनाव में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। वहीं तभी से इन दोनों परिवारों के बीच दूरी आ गई। पहले तेजी और इंदिरा, फिर राजीव और अमिताभ की दोस्ती टूट गई।

इंदिरा गांधी पहले से ही जानती थी कि अमिताभ को राजनीति में लाना गलत साबित होगा। यहीं वजह थी कि इन्होंने राजीव गांधी को साफ कहा था कि अमिताभ बच्चन को राजनीति में नहीं लाया जाना चाहिए। लेकिन राजीव गाधी ने अपनी मां की बात को नहीं माना। और आगे जाकर इनकी दोस्ती अमिताभ से खत्म हो गई।

93 साल की उम्र में हुआ तेजी बच्चन का निधन

तेजी बच्चन का जन्म 12 अगस्त, 1914 को पंजाब के लायलपुर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। ये एक सिख परिवार से ताल्लुक रखती थीं। इनके पिता का नाम सरदार खजान सिंह था जो पंजाब में बैरिस्टर थे। तेजी एक समाज सेविका के साथ-साथ जानी-मानी सिंगर व थिएटर आर्टिस्ट थीं। इन्होंने दिल्ली और इलाहाबाद में कई ग्रुप्स के साथ परफॉर्मेंस दी थीं।

तेजी की मुलाकात डॉ. हरिवंश राय बच्चन से लाहौर के फतेहचंद डिग्री कॉलेज में हुई थी। जिसके बाद इन्होंने शादी कर ली थी। इस शादी से इन्हें दो बच्चे हुए। वहीं 21 दिसंबर, 2007 को 93 साल की उम्र में तेजी दुनिया को अलविदा कह दिया।

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