अध्यात्म

मंदिर जाने से पहले इन बातों का रखना चाहिए ध्यान, वर्ना हो सकता है नुकसान!

हिंदू धर्म में मंदिरों का स्थान सर्वोच्च है। इसे एक पावन स्थान भी माना जाता है। जहां पर इस सृष्टि को चलाने वाले ईश्वर का वास होता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आप भगवान को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आपको मंदिर अवश्य जाना चाहिए। यहां जाने से आपके सब कष्ट दूर हो जाते हैं। इस पावन स्थल पर जाने से पहले कुछ नियम और बातों का विशेष ध्यान रखना बहुत जरूरी है। शास्त्रों में भी मंदिर जाने के कुछ नियम और कुछ बातों का ख्याल रखने के बारे में बताया गया है। चलिए जानते हैं कि वह खास नियम क्या है।

मंदिर जाने के नियम –

– मंदिर को एक पवित्र और पावन स्थान माना जाता है। अगर हम पूरी श्रद्धा के साथ यहां जाते हैं तो छोटे और अभद्र कपड़े नहीं पहन कर जाना चाहिए। लड़कियों और महिलाओं को हमेशा मंदिर के अंदर सिर ढक कर जाना चाहिए। देश में ऐसे काफी मशहूर और माने हुए मंदिर हैं जैसे कि तिरुपति और गुरुवयूर यहां पर महिलाओं और पुरुषों के लिए ड्रेस कोड रखा गया है। यहां महिला या पुरुष पेंट या वेस्टर्न ड्रेस पहनकर नहीं आ सकते। यहां जो ड्रेस कोड रखा गया है उसी को पहनकर अंदर दर्शन करने की इजाजत दी गई है।

– अगर आपने मंदिर जाने का प्लान बना रखा है। तो उससे पहले यह जरूर जान लें कि वह मंदिर किस समय खुलता है। क्योंकि कुछ मंदिर ऐसे होते हैं जो सुबह खुलते हैं और कुछ मंदिर ऐसे होते हैं जो शाम को खुलते हैं। इसलिए मंदिर जाने से पहले इस बात का पता लगा लें। कुछ मंदिरों में दर्शन करने के लिए टिकट खरीदना पड़ता है और बात करें कुछ बड़े और पुराने मंदिरों की तो वहां पर अगर आप जल्दी दर्शन करना चाहते हैं तो स्पेशल टिकट खरीदना पड़ता है। ज्यादातर सभी मंदिरों में कैमरा ले जाना मना है।

–  हिंदू धर्म के लोग जब मंदिर जाते हैं तो उससे पहले स्नान आदि और नित्य कर्म जरूर कर लेते हैं। वहीं दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों में भक्तों के स्नान के लिए कुंड बनाए गए हैं।जहां दर्शन करने से पहले स्नान करना अनिवार्य होता है। अगर महिलाओं को माहवारी आ जाती है तो उन्हें मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं करना चाहिए। केरल के अय्यप्पा स्वामी मंदिर में माहवारी के समय महिलाओं को प्रवेश करना सख्त मना है।

– मंदिरों में अगर आप दर्शन करने जा रहे हैं तो वहां दर्शन करने से पहले भगवान को भोग लगाने की परंपरा सदियों से चलती आ रही है। भगवान के दर्शन करने के लिए अगर आप जा रहे हैं तो कभी भी खाली हाथ ना जाए। उनके प्रिय पुष्प या नारियल साथ में जरूर लेकर जाएं। मंदिर में प्रसाद लेना और प्रसाद चढ़ाना दोनों का अपना ही एक महत्व है

– जब भी आप मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाएं तो उनके सामने दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करें। इसके पीछे धार्मिक कारण तो है ही पर उसके साथ-साथ साइंटिफिक कारण भी है। कहा जाता है कि जब हाथ जोड़े जाते हैं उस समय शरीर के कुछ खास पॉइंट एक्टिव हो जाते हैं। जिसकी वजह से शरीर के अंदर से पॉजिटिव एनर्जी निकलती है। इसलिए भी मंदिर के अंदर हाथ जोड़े जाते हैं।

– मंदिर को एक पवित्र स्थान माना जाता है। इसलिए आज से ही नहीं बल्कि सदियों पुरानी यह परंपरा चलती आ रही है कि मंदिर में प्रवेश करने से पहले बाहर जूते और चप्पल जरूर उतारें। यह परंपरा हर धार्मिक स्थान पर अनिवार्य है।

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