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8 साल के बच्चे ने चुराई साइकिल, पुलिस ने फिर जो क्या उसने सबका दिल जीत लिया

चोरी करना गलत बात है। ये तो सभी जानते हैं। लेकिन क्या आप ने कभी सोचा है कि आखिर एक चोर चोरी क्यों करता है? खासकर यदि एक 8 साल का बच्चा चोरी कर लें तो इसके पीछे जरूर कोई खास वजह होगी। अब केरल (Kerala) के पालक्कड़ (Palakkad) जिले की इस घटना को ही ले लीजिए। यहां पुलिस को शिकायत मिली कि एक क्लास 3 में पढ़ने वाले बच्चे ने अपने पड़ोसी की साइकिल चुरा ली है। जब पुलिस ने बच्चे से इसकी वजह पूछी तो पीछे की कहानी सुन भावुक हो गई। इतना ही नहीं उन्होंने बच्चे को नई साइकिल भी गिफ्ट की।

दरअसल शिकायत मिलने पर शोलायुर स्टेशन हाउस ऑफिसर श्री विनोद कृष्णा (Sholayur Station House Officer Sri Vinod Krishna) ने 8 साल के बच्चे से साइकिल चुराने की वजह जानना चाही। बातचीत के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्चा एक गरीब परिवार से आता है। उसकी नियत साइकिल चुराने की नहीं थी, बल्कि वह तो बस साइकिल की एक राइड लेना चाहता था। बच्चे की ये कहानी सुनने के बाद ऑफिसर श्री विनोद कृष्णा उसे लोकल शॉप ले गए और वहां से उसे एक नई साइकिल दिलाई।

साइकिल की दुकान के मालिक लतीफ़ अट्टाप्पड़ी (Latheef Attappadi) ने इस घटना की स्टोरी फेसबुक पर साझा की है। उन्होंने बताया कि शोलायुर स्टेशन हाउस ऑफिसर श्री विनोद कृष्णा ने साइकिल चुराने वाले 8 साल के बच्चे की दिमागी हालत को अच्छे से समझा। इसके बाद वे मेरी दुकान Goolikadavu में आए और एक नई साइकिल खरीद बच्चे को दे दी।

दुकान के मालिक आगे बताते हैं – उनसे बात करने के बाद मुझे उनके जीवन के अनुभव और अच्छाई का ज्ञान हुआ। उन्होंने अपनी स्टोरी शेयर कर बताया कि जब वे स्टूडेंट थे तो उनके पास भी साइकिल नहीं थी। फिर मुझे भी अपना अनुभव याद आया कि कैसे में भी किराए पर साइकिल लिया करता था, क्योंकि मैं उसे अपने लिए खरीद नहीं सकता था। इस तरह का अनुभव लगभग सभी का एक समान ही है।

दुकानदार ने आगे बताया कि मैंने ऑफिसर से साइकिल के पैसे नहीं लिए। मैंने उनकी इस अच्छी सोच की तारीफ की और कहा कि हमे पुलिस को लेकर कितनी भी शिकायतें मिले लेकिन हमे ऐसी अच्छी पुलिस को लेकर गर्व भी है।

सोशल मीडिया पर अब पुलिस अफसर और दुकानदार दोनों की ही तारीफ हो रही है। जहां एक तरफ पुलिस बच्चे को अपने पैसों से नई साइकिल दिलाने जा रही थी तो वहीं दुकानदार ने इस नेक काम के लिए पुलिस से कोई पैसे नहीं लिए। पुलिस ने यह केस बहुत ही अच्छे तरीके से सुलझा दिया।

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