‘भरोसेमंद नहीं है पाकिस्तान, कोई और नहीं कर सकता जवानों के शवों के साथ बर्बरता’!

पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और उनकी अमानवीयता दुनिया के सामने आ चुकी है इसके बावजूद पाकिस्तान अभी भी खुद को पाक साफ और मानवतावादी प्रोजेक्ट करने में लगा है. पाकिस्तान पहले तो गलत काम करता है और उसके बाद उसे मानने से भी इंकार कर देता है. 1 मई को भारत पाकिस्तान सीमा पर कृष्ण घाटी के पास पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर की आड़ में भारतीय सुरक्षाबलों के दो जवानों के साथ बर्बरता की. पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने यह कृत्य भारतीय सीमा में 200 मीटर अन्दर आकर अंजाम दिया.

 वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीखी प्रतिक्रिया दी :

भारत ने पाकिस्तान पर इस कृत्य का आरोप लगाया तो पाकिस्तान ने इसे सिरे से नकार दिया. इस मुद्दे पर भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीखी प्रतिक्रिया दी. जेटली ने कहा कि पाकिस्तान का वह दावा झूठा है जिसमें उसका कहना है कि बर्बरता की घटना में उसका हाथ नहीं है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने कृत्यों से इनकार करता रहता है, उसके इंकार करने पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इस तरह कि घटना को बिना पाकिस्तानी सेना की मदद के अंजाम नहीं दिया जा सकता. उन्होंने जनता को भारतीय सेना पर भरोसा रखने की अपील की.

गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर के बाद रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी अरुण जेटली पर है, अरुण जेटली कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मीडिया को दे रहे थे. इस दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एक मई को हुई घटना में पाकिस्तानी सेना के शामिल नहीं होने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया, उन्होंने कहा कि बिना पाकिस्तानी सेना के शामिल हुए यह करना संभव नहीं है.

इस मामले में भारत ने पाकिस्तानी सेना के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब किया और पाकिस्तान द्वारा भारतीय सेना और बीएसफएफ के दो जवानों के शवों के साथ बर्बरता किये जाने के सबूत सौंपे. भारत ने इस मामले में पाकिस्तान से कार्रवाई किये जाने की मांग की है.भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से कहा है कि सैनिकों को मरना और उनके शवों को क्षत विक्षत करना उकसावे की कार्रवाई है और यह सभ्य आचरण के सभी मानदंडों के विपरीत है.

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