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मोदी का ‘तूफान’ – MCD में भी खिल रहा है ‘कमल’, एक्जिट पोल से उड़ गई केजरीवाल की नींद!

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम चुनाव यानी MCD के लिये 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद एक्जिट पोल के नतीजों से केजरीवाल की नींद उड़ गई है। हालांकि, एक्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को करारी हार मिलती दिख रही है, लेकिन कांग्रेस को इसका पूर्वानुमान था इसलिए उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन, केजरीवाल के लिए यह उनके राजनीतिक जीवन के सर्वनाश का संकेत जरूर है। दिल्ली में केजरीवाल की पूर्ण बहुमत की सरकार है इसके बावजूद अगर वो MCD चुनावों में इतना खराब प्रदर्शन करे तो यह माना जा सकता है कि उनके दो साल के कार्यकाल में ही दिल्लीवालों को अपनी गलती का एहसास हो गया है। Bjp win delhi mcd election.

‘इंडिया टुडे’ का एग्जिट पोल, बीजेपी को 220 सीटें –

BJP Parivartan yatra

दिल्ली नगर निगम चुनाव पर ‘इंडिया टुडे और एक्सिस माइ इंडिया’ द्वारा किए गए एग्जिट पोल के मुताबिक तीनों निगमों में कमल खिल रहा है। एग्जिट पोल के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम के 270 वार्डों में से बीजेपी को 202 से 220 सीटें मिलने का दावा किया गया है। वहीं, AAP को 23 से 35 और कांग्रेस को 19 से 31 सीटें मिलता दिखाया गया है। आपको बता दें कि MCD चुनावों के नतीजे 26 अप्रैल को आएंगे।

इससे पहले भी एबीपी न्यूज-सी वोटर द्वारा किए गए सर्वे में बीजेपी को तीनों नगर निगम पर जीतते हुए बताया गया था। इस सर्वे के मुताबिक 272 सीटों वाली MCD में बीजेपी को 179 सीटें मिलने का आकलन किया गया है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी को दिल्ली में 41.9 प्रतिशत, कांग्रेस को 20 और AAP को 27.5 प्रतिशत और अन्य को 3.9 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है। सर्वे के मुताबिक पूर्वी दिल्ली में बीजेपी को 43, उत्तरी दिल्ली में 76 और दक्षिणी दिल्ली में 60 सीटें मिल सकती हैं।

केजरीवाल के राजनीतिक कैरियर पर खतरा –

इन सर्वे में जहां केजरीवाल एंड पार्टी की करारी हार दिख रही हैं वहीं अभी हाल ही में दिल्ली की राजौरी गार्डन विधानसभा सीट पर हुए उप चुनाव में भी केजरीवाल की पार्टी के उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी। अगर अब एमसीडी में भी ऐसा ही होता है तो कहा जा सकता है कि केजरीवाल के राजनीतिक कैरियर के ‘सर्वनाश’ की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। MCD चुनावों में यही सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही केजरीवाल की ‘खाओ पियो की राजनीति’ मिट्टी में मिल जाएगी।

फिलहाल, यह तो एमसीडी के चुनाव परिणाम आने के बाद साफ हो ही जाएगा। लेकिन, ईवीएम को लेकर केजरीवाल ने जो नाटक रच रखा है उससे यही इशारा मिलता है कि पार्टी ने हार के बहाने अभी से तलाशने शुरू कर दिए हैं। और संभव है कि केजरीवाल 26 अप्रैल को नतीजे आने के बाद एक बार फिर सारा दोष EVM पर मढ़ दें।

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