अध्यात्म

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार इंसान को गधे से सीखनी चाहिए ये 3 बातें, हर कार्य में मिलती है कामयाबी

चाणक्य नीतियों को बेहद ही लाभकारी माना जाता है और इनकी नीतियों का पालन करने से जीवन में केवल सफलता ही मिलती है। आचार्य चाणक्य द्वारा ये नीतियां लिखी गई हैं। जिसके कारण इन्हें चाणक्य नीति कहा जाता है। आचार्य चाणक्य एक जाने माने कुशल राजनीतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में विख्‍यात थे। ये काफी तेज दिमाग के थे और इन्हें कौटिल्य भी कहा जाता था।

इन्‍होंने अपनी नीतियों के माध्‍यम से लोगों को सही रास्ता और एक कामयाब जीवन कैसे पाएं ये समझाने की कोशिश की है। साथ में ही जीवन में आने वाली कई समस्याओं का हल भी इन्होंने अपनी नीतियों के जरिए बताया है।

जीवन में सफलता पाने के लिए आप बस आचार्य चाणक्य द्वारा बताई नीतियों को ध्यान में रखें और इनका पालन करें। ऐसा करने से आपका जीवन केवल सुखों से ही भर जाएगा और जो आप चाहते हैं, वो आपको मिल जाएगा।

अहंकार न करें

चाणक्‍य नीति कहती है कि अहंकारी व्यक्ति की मदद कोई नहीं करता है। ऐसे लोगों से सब दूरी बनाकर रखते हैं। इस प्रकार के लोग केवल अपना ही सुख देखते हैं और किसी की भी भावनाओं की कदर नहीं करते हैं। इसलिए आप अहंकार से दूर रहे। हर किसी को सामान नजर से देखें और कोई भी फैसला अहंकार में आकर न लें। क्योंकि अहंकार में लिया गया फैसला केवल आपको नुकसान ही पहुंचता है।

इन्द्रियों को वश में करें

चाणक्‍य नीति के अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति को अपने ऊपर काबू करना चाहिए। जो लोग अपनी इन्द्रियों को बगुले की तरह वश में करते हैं। वो आसानी से जीवन के किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे लोगों का ध्यान केवल लक्ष्य पर ही लगा होता है। इसलिए कामयाब होने के लिए ये बेहद ही जरूरी है कि आपकी इंद्रियां आपके काबू में रहें।

करें ऐसा व्‍यवहार

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार किसी व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए? ये हर किसी को पता होना चाहिए। एक लालची व्‍यक्ति से अपने काम करवाने के लिए आप उसे भेंट में वस्तु देकर संतुष्ट कर सकते हैं। एक कठोर आदमी के सामने हाथ जोड़कर उससे अपना कार्य करवा सकते हैं। मूर्ख को सम्मान देकर संतुष्ट किया जा सकता है। वहीं विद्वान व्‍यक्ति को सच बोलकर संतुष्ट किया जा सकता है।

सदा संतुष्‍ट रहें

जीवन में केवल वहीं व्यक्ति सुखी रहता है जो संतुष्ट रहता है। जो लोग संतुष्ट नहीं रहते हैं, उन्हें जितना भी कुछ मिल जाए उन्हें कम ही लगता है। इसलिए जो लोग शांति भरा जीवन चाहते हैं, उन्हें सदा संतुष्ट रहना चाहिए। चाणक्‍य नीति के अनुसार हमें पशुओं से भी कुछ बातें सीखनी चाहिए। गधे से ये तीन बातें सीखें- अपना बोझ ढोना न छोड़ें, सर्दी गर्मी की चिंता न करते हुए अपने लक्ष्‍य में लगे रहें और सदा संतुष्ट रहे।

लालच न करें

जो लोग लालची होते हैं और सदा पैसों के पीछे भागते हैं, उन्हें भी जीवन में कभी भी कामयाबी नहीं मिलती है। लालची लोगों को कोई भी आसानी से पैसों का लालच देकर अपने वश में कर सकता है। इसलिए जीवन में लालच करने से बचें।

क्रोध से बनाएं दूरी

क्रोध इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है। क्रोध में आकर व्यक्ति हमेशा गलत ही फैसले लेता है। जिसके कारण उसे बाद में परेशानी होती है। इसी तरह से जो लोग क्रोध करते हैं उनके संबंध हमेशा ओरों से खराब रहते हैं और जरूरत पड़ने पर कोई भी उनकी मदद नहीं करता है। आचार्य चाणक्‍य के अनुसार व्यक्ति को क्रोध से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और हमेशा शांत दिमाग से ही फैसले लेने चाहिए।

केवल सही लोगों से करें दोस्ती

हमेशा उन्हीं लोगों से दोस्ती करें जो आप जितने या आप से अधिक ज्ञानी व समझदार हो। मुर्ख लोगों से दोस्ती करने से आपके जीवन में केवल समस्या ही आती हैं। जबकि समझदार लोगों से मित्रता करने से वो आपके काम आते हैं और बुरे समय में आपकी मदद भी करते हैं।

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