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अगले महीने इसरो जोड़ेगा एक और नया अध्याय, रचेगा इतिहास!

भारतीय अन्तरिक्ष संगठन इसरो आये दिन सफलता के झंडे गाड़ता जा रहा है। इसरो के प्रमुख किरण कुमार ने कहा कि अगले महीने इसरो फिर से इतिहास रचने जा रहा है। अगले महीने इसरो श्री हरिकोटा अन्तरिक्ष केंद्र से चार टन की श्रेणी वाला उपग्रह प्रक्षेपित करने वाले राकेट की पहली विकास उड़ान के लिए तैयार हो चुका है।

Missile Babur 3 Pakistan

इसके बाद इसरो को एक और सफलता मिल जाएगी और इसरो के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जायेगा। अभी तक इसरो के राकेट में केवल 2.2 टन के उपग्रह को प्रक्षेपित करने की क्षमता है। इसरो को जब भी इससे ज्यादा वजन ने उपग्रह को अन्तरिक्ष में प्रक्षेपित करना होता है तो इसे विदेशी प्रक्षेपण यानों पर निर्भर रहना होता है।

अगले महीने होगा प्रक्षेपण:

किरण कुमार ने बताया कि अगले महीने इसरो जीएसएलवी-एमके 3-डी 1 का प्रक्षेपण करेगी। आपको बता दें इसरो की एक साल के अन्दर ही यह दूसरी विकास उड़ान की योजना है। किरण कुमार ने बताया कि जब तक दो विकास उड़ानें पूरी हो जायेंगी, हम प्रक्षेपण की दिशा में काम करते ही रहेंगे ताकि जीएसएलवी-एमके 3-डी 1 काम करना शुरू कर दे।

जुड़ जायेगा इतिहास में एक और नया अध्याय:

किरण कुमार ने आगे कहा कि इसरो का ऐसा मानना है कि अगर यह राकेट काम करना शुरू कर देता है तो इसरो के इतिहास में एक और नया अध्याय जुड़ जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम अपने चार टन के प्रक्षेपण वाले राकेट को काम करवाना शुरू कर देते हैं, तो हमें विदेशी प्रक्षेपण यानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। हम अपने उपग्रह को स्वयं ही प्रक्षेपित करने में सक्षम हो जायेंगे।

देश के अन्दर ही कर सकते हैं सारे प्रक्षेपण:

यही नहीं हम चार टन के अन्दर ही सभी उपग्रहों के निर्माण पर भी ध्यान दे रहे हैं, ताकि हम सभी प्रक्षेपण देश के अन्दर ही कर सकें। हमें किसी और पर निर्भर ना रहना पड़े। जीएसएलवी-एमके 3-डी 1 यान से जीसैट-19 उपग्रह को अन्तरिक्ष की कक्षा में ले जाया जा सकता है। इस उपग्रह का वजन 3200 किलोग्राम है।

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