नई दिल्ली – मोदी सरकार ने नोटबंदी के बाद एक बार फिर से भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है। इस बार मोदी सरकार के ऑपरेशन ब्लैकमनी के दूसरे पार्ट को शुरु करते हुए 9 राज्यों के 18 नौकरशाहों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी जारी है। खबरों के अनुसार मोदी सरकार ने इस ऑपरेशन को ऑपरेशन ब्यूरोक्रेट्स नाम दिया गया है। इस ऑपरेशन के तहत प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने यूपी, दिल्ली, गोवा और पश्चिम बंगाल समेत देश के 9 राज्यों में 18 नौकरशाहों के ठिकानों पर छापा मारा है। Operation black money part 2.

 9 राज्यों में 18 नौकरशाहों के ठिकानों पर छापेमारी –

ब्लैकमनी के खिलाफ मोदी सरकार का अभियान कुछ समय के लिए रुकने के बाद फिर शुरू हो गया है। नोटबंदी के बाद अब मोदी सरकार के निशाने पर बेनामी संपत्ति वाले हैं, जिनके रिकार्ड को खंगालना शुरू कर दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आज की गई छापेमारी में 2300 फर्जी कंपनियों का खुलासा हो चुका है। केवल दिल्ली और मुंबई में ही एक हजार से ज्यादा फर्जी कंपनियों का भंडाफोड हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने देश भर में 18 अधिकारियों के ठिकानों पर छापे मारे हैं। ये छापे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गोवा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हुए हैं। छापे के दौरान अधिकारियों के पास से बेशुमार बेनामी सम्पत्ति और सोना-चांदी मिला है।

मोदी सरकार के निशाने पर नौकरशाह –

प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने जिन अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है उनमें आईएफएस, आईएएस, सेना के अधिकारी, राज्यों के परिवहन विभाग समेत तेरह अलग-अलग विभागों के अधिकारी शामिल हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को घोषणा की थी 500 और 1000 के पुराने नोट बंद कर दिये जाएंगे। पीएम ने यह कदम देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए उठाया था। इसके बाद देश में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सरकार ने इस दिशा में कोई खास कदम नहीं उठाया। चूंकि अब  विधानसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं, इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि मोदी सरकार कालेधन पर लगाम लगाने के लिए फिर कोई सख्त कदम उठा सकती है।

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