स्वास्थ्य

अगर आपको भी छिपकली काट ले तो चिंता करने की जरूरत नहीं है, अपनाएं ये रामबाण घरेलू उपाय

शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जहां छिपकलियां नही रहती हों। हर घर में छिपकलियां पायी जाती हैं। कुछ घरों में एक दो छिपकलियां होती हैं तो किसी-किसी घर में लगता है छिपकलियों का पूरा खानदान रहता है। हालांकि छिपकलियां हर मौसम में घर में पायी जाती हैं, लेकिन गर्मी के दिनों में कुछ ज्यादा ही दिखाई देती हैं। छिपकलियों का जहर इंसानों के लिए बहुत घातक होता है। ऐसा माना जाता है कि इसके जहर के प्रभाव में आने से सही इलाज नहीं मिल पाने पर इंसान की तुरंत मृत्यु भी हो जाती है।

रात में सही इलाज मिलना होता है मुश्किल:

गर्मी के मौसम में ज्यादातर घरों में लोग फर्श पर ही बिस्तर डालकर सो जाते हैं, ताकि थोड़ी तो राहत मिले। ऐसे में उन्हें छिपकलियों के आतंक का सामना करना पड़ता है। छिपकलियों के काटने पर सही समय पर इलाज मिलने पर इंसान की जान बच जाती है, लेकिन रात के समय में सही इलाज का मिल पाना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, ताकि छिपकलियों के काटने पर आप अपना इलाज खुद ही कर सकें।

अपनाएं ये तरीके:

*- जिस स्थान पर आपको छिपकली काटती है, उस स्थान को साफ पानी और डेटॉल साबुन या लिक्विड से अच्छी तरह साफ करें। ऐसा करने से जहर ज्यादा नहीं फैल पाता है।

*- छिपकलियों के दांत छोटे होते हैं और जब वह जोर से काटती हैं तो उनके कुछ दांत जख्म वाली जगह पर ही रह जाते हैं। इसलिए अपने जख्म की जांच अच्छी तरह करें और अगर ऐसा कुछ दिखता है तो उसे तुरंत निकाल दें।

*- जख्म गहरा होने पर खून तेजी से निकलता है, ऐसे में जख्म वाले हिस्से को ज्यादा हिलाना-डुलाना नहीं चाहिए। ऐसा करने पर खून और तेजी से निकलने लगता है।

*- घाव को साफ करने के लिए भूलकर भी किसी ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचे। अल्कोहल और हाइड्रोजन पैराक्साइड भी इन्ही में से एक है।

*- छिपकली के काटे जाने के बाद घाव वाली जगह को गुनगुने पानी में डालकर रखें। ऐसा करने से इन्फेक्शन ज्यादा नहीं फैलता है।

*- काटे गए स्थान को साफ करने के बाद वहां कोई एंटीबायोटिक क्रीम लगाना ना भूलें।

*- सुबह उठते ही डॉक्टर की सलाह लेना नहीं भूलना चाहिए। अगर जरूरी हो तो टिटनेस की सुई भी लगवा लें।

*- छिपकली के काटने की वजह से अगर जख्म के आस-पास सूजन हो जाए तो बर्फ से उसकी सेकाई करें, लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि बर्फ जख्म वाली जगह पर ना लगे।

*- जख्म पर भूलकर भी पट्टी नहीं बांधनी चाहिए। ऐसा करने से जख्म गलने लगता है जबकि खुला छोड़ने से हवा लगती रहती है और जल्दी सूखने की उम्मीद होती है।

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