…पार्लियामेंट में योगी ने उड़ाई कट्टरपंथियों की धज्जियां, मिमियाता रह गया ओवैसी

नई दिल्ली – ओवैसी एक ऐसे नेता हैं जो हमेशा हिन्दुओं के बारे में आग उलगते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने योगी आदित्यनाथ को यूपी का सीएम बनाए जाने पर विरोध जताया था। योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाए जाने पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया है और भाजपा पर तंज कसा है। ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ के यूपी का सीएम बनने पर कहा कि “योगी का सीएम बनना भारत की सदियों पुरानी गंगा जमुनी तहजीब के लिए खतरा है।” इसी मामले पर ओवैसी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि क्या यही है मोदी जी का ‘न्यू इंडिया विजन’। Yogi reply to Asaduddin Owaisi.

योगी और ओवैसी दोनों हैं एक दूसरे के विरोधी –

आपको बता दें कि योगी और ओवैसी दोनों एक दूसरे के घोर विरोधी हैं। दोनों नेताओं की विचार-धारा एक दूसरे के उलट है। एक ओर जहां ओवैसी की छवि कट्टर मुस्लिम की है, तो वहीं दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ कट्टर हिन्दूवादी छवि रखते हैं। वर्ष 2012 में हैदराबाद से विधायक अकबरूद्दीन ओवैसी ने आंध्र प्रदेश में भड़काऊ भाषण देते हुए खुलेआम कहा था कि “अगर 15 मिनट के लिए देश से पुलिस हटा ली जाए तो 25 करोड़ मुसलमान हिन्दुओं का सफाया कर देंगे।” जिसका जवाब योगी ने काफी कड़े शब्दों में दिया था।

आपको बता दें कि ओवैसी कौन है। देश को आजादी से 20 साल पहले दक्षिण भारत की रियासत हैदराबाद पर निजाम उस्मान अली खान की हुकूमत थी। उसी वक्त नवाब महमूद नवाज खान किलेदार ने 1927 में मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लेमीन (MIM) नाम के संगठन की नींव रखी थी। इस संगठन का काम हथियार लेकर गलियों में झुण्ड के झुण्ड बनाकर जिहादी नारे लगाना और हिन्दूओं पर अत्याचार करना था। जिसका वर्तमान अध्यक्ष प्रसिद्ध वकील असदुद्दीन ओवैसी है।

योगी आदित्यनाथ ने सांसद में ऐसे उड़ाई ओवैसी की धज्जियां –

यह तो हम सब जानते ही हैं कि गोरखपुर से सांसद और गोरखनाथ मंदिर के महंत और हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक आदित्य नाथ योगी कितने हिन्दूवादी सोच के हैं। बीजेपी ने आज उन्हें यूपी का नया सीएम नियुक्त किया है। योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें वे देश के सेक्यूलर नेताओं की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं। 14 मिनट 36 सेकेण्ड के इस वीडियों में आदित्यनाथ संसद में बोलते हुए दिख रहे हैं।

वीडियो में आदित्यनाथ कहते हैं कि, ये पोलराइज़ेशन आखिर हो क्यों रहा है। अगर हम पोलराइज़ेशन के कारणों का विश्लेषण करेंगे तो पता चलेगा कि ये कितने कम्युनल हैं, जो इमामों के लिए वेतन की घोषणा करते हैं। क्या ये सेक्युलर एंजेडा है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की सरकार ने ऐसा किया, क्या ये सेक्युलर एंजेडा है। इन लोगों ने देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटा है। उत्तर प्रदेश में योजनाओं के 20 प्रतिशत को मुस्लिम आबादी के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इस वीडियो को अभी तक 1,013,921 से अधिक लोगों ने देखा है।

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