अध्यात्म

‘वैभव लक्ष्मी पूजा’ में महिलाएं करें ये 5 काम, माँ के आशीर्वाद से हर मुराद होगी पूरी

हिंदू धर्म में माँ लक्ष्मी को धन, वैभव और ऐश्‍वर्य की देवी माना जाता है. शुक्रवार के दिन हम माँ लक्ष्मी के जिस रूप की पूजा करते हैं उसे ही वैभव लक्ष्‍मी कहा जाता है. कई महिलाएं अपनी इच्छापूर्ति, सुख और धनलाभ के लिए शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्‍मी का व्रत करती है. यदि आप भी ये व्रत कर रहे हैं तो वैभव लक्ष्‍मी की पूजा पाठ के दौरान कुछ विशेष बातों का ख्याल जरूर रखें.

पूजा में हो लाल फूल

पुराणों के अनुसार लाल रंग के फूल माँ लक्ष्मी के प्रिय होते हैं. यही वजह है कि जब आप शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्‍मी की पूजा करें तो लाल फूल अवश्य शामिल करें. लाल फूलों में आप लाल गुलाब या लाल गुड़हल के पुष्पों का उपयोग कर सकते हैं. हालाँकि माँ लक्ष्मी को कमल का फूल सबसे अधिक प्रिय होता है लेकिन यह ना मिले तो गुलाब का इस्तेमाल किया जा सकता है. जब पूजा समाप्त हो जाए तो ये गुलाब धन रखने वाले स्थान पर रख दें. इससे आपकी बरकत बढ़ने लगेगी. इस फूल को रोजाना बदलना ना भूले.

ये चीजें भी करें शामिल

लाल चंदन, गंध, लाल वस्‍त्र और कपूर जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल भी वैभव लक्ष्‍मी की पूजा में अवश्य करना चाहिए. पूजा घर में ऐसी मूर्ति स्थापित करें जिसमें माँ लक्ष्मी खड़ी हों और धन दे रही हों. खासकर कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए ऐश्वर्य लक्ष्मी की पूजा लाभकारी होती है.

भोग में लगाएं खीर

वैभव लक्ष्‍मी की पूजा में गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाना चाहिए. कहा जाता है कि खीर में मौजूद अक्षत से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. ऐसा करने से पूजा करने वाले को धन की कमी नहीं देखनी पड़ती है. बता दे कि चावल को कभी क्षय (नष्ट) ना होने वाला अनाज माना जाता है. यही वजह है कि हर धार्मिक कार्य में इसका इस्तेमाल होता है.

श्रीयंत्र भी रखें

वैभव लक्ष्‍मी की पूजा में श्रीयंत्र अवश्य रखें. आपको श्रीयंत्र की पूजा से ही शुरुआत करनी चाहिए. इसके बाद ही लक्ष्मीजी की बाकी विधि विधान से पूजा करनी चाहिए. पूजा के बाद वैभव लक्ष्‍मी व्रत की कथा पढ़ना चाहिए. इसके पश्चात गोघृत का दीपक प्रज्वलित कर आरती करें और माँ के सामने सिर झुका आशीर्वाद लें. याद रहे आपको माँ लक्ष्मी के सामने तीन दीपक जलाने है.

सिक्का भी है जरूरी

वैभव लक्ष्‍मी की पूजा में सिक्के का इस्तेमाल भी आवश्यक माना गया है. आपकी प्राथमिकता गणेश-लक्ष्‍मीजी की छवि वाला चांदी का सिक्का होना चाहिए. हालाँकि ये ना हो तो सामान्य सिक्का भी गंगाजल से धोने के बाद प्रयोग में लाया जा सकता है. पूजा समाप्त होने के बाद इन सिक्कों को दान कर देना चाहिए. यह दान आप किसी मंदिर में कर सकते हैं या फिर किसी सौभाग्‍यवती स्‍त्री को उपहार स्‍वरूप दे सकते हैं.

यदि आप वैभव लक्ष्‍मी की पूजा में इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं तो माँ आपकी मनोकामना जल्द से जल्द पूर्ण कर देंगी. जानकारी पसंद आई हो तो इसे दूसरों के साथ शेयर करना ना भूले.

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