राजनीति

सामने आया महाराष्ट्र सरकार का घिनौना चेहरा, सैनेटरी पैड्स पर चिपकाया आदित्य ठाकरे का फ़ोटो

देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में इन दिनों शिवसेना की लो लेवल और डर्टी पॉलिटिक्स देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री के बेटे आदित्य ठाकरे की तस्वीर वाली सैनिटरी पैड्स के पैकेट वितरित किए। इस पर महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आदित्य ठाकरे की फोटो वाले सैनिटरी पैड्स के पैकेट्स वितरित किए जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने शिवसेना पर जमकर निशाना साधा है। दरअसल आदित्य महाराष्ट्र की राजनीति और वर्तमान सरकार में अच्छी खासी धाक रखते हैं, किंतु इन दिनों वे विपक्ष के निशाने पर आए हैं।


बीते गुरूवार को मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा था कि, ‘ पुरानी मुंबई के कोलाबा में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने 500 पैकेट्स सैनिटरी पैड्स बांटे। मनसे नेता ने आरोप लगाया कि, महिलाओं और युवतियों के बीच बांटे गए इन सैनिटरी पैड्स के पैकेट्स पर युवा सेना के अध्यक्ष और महाराष्ट्र कैबिनेट के मंत्री आदित्य ठाकरे की तस्वीर थी। दरअसल मुंबई कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित शहर है और यहां राहत और बचाव के कार्य लगातार जारी हैं, इसी दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा ऐसा किया गया है।

शिवसेना ने नहीं दिया कोई बयान

बता दें कि, सैनिटरी पैड्स के पैकेट्स पर आदित्य ठाकरे की फोटो वाले मामले में अभी तक सत्तारूढ़ शिवसेना की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। याद दिला दें कि, आदित्य ठाकरे पहले भी ऐसे विवादित मामलों में फंस चुके हैं। आदित्य ठाकरे पर  CAA, NRC विरोधी छात्र परिषद लिखा हुआ है। और नीचे पोस्टर में उमर खालिद, ऋचा सिंह, AMUSU अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, जावेद अख्तर, जामिया छात्र नेता हम्मादुररहमान, सादिया शेख जैसे लोगों के साथ मंच साझा करने का आरोप भी लग चुका है।

दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण एवं टूरिज्म मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा है कि पर्यटन के मामले में हम महाराष्ट्र को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने का काम कर रहे हैं। साथ ही कोरोना काल में उन्होंने दावा किया है कि आने वाले दिनों में होटल इंडस्ट्री के लिए अच्छे फैसले लेने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य होने वाला है। इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। आदित्य ठाकरे ने ये दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेकों प्रयास कर रही है। इन प्रयासों से राज्य यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रत्येक पर्यटक राज्य के किसी भी शहर में कम से कम 36 घंटे रूके, ताकि पर्यटन सेक्टर को और अधिक विकसित किया जा सके।

कोरोना ज़ोन बन चुका है महाराष्ट्र

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, महाराष्ट्र में अब कोरोना मरीजों की संख्या 50 हजार पहुँचने वाली है। बता दें कि, इनमें से तकरीबन 33 हजार केसेस एक्टिव हैं। जबकि 13 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं,  वहीं 1500 से अधिक लोगों ने इस खतरनाक वायरस के चलते अपनी जान गंवाई है। आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र के कुल कोरोना मामलों में से 61 फीसदी मामले अकेले मुंबई शहर से हैं, जबकि कुल मौतों की संख्या में भी 60 फीसदी मुंबई से ही हैं।

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