अध्यात्म

बेहद ही चमत्कारी हैं मां संतोषी के ये 2 मंदिर, यहां जाकर पूजा करने से हो जाती है हर कामना पूरी

शुक्रवार के दिन संतोषी माता का व्रत रखना शुभ होता है और मां का व्रत रखने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। शुक्रवार को जो लोग मां संतोषी की पूजा करते हैं उन लोगों के घर में सुख शांति स्थापित हो जाती है और मां की कृपा बन जाती है।

आज हम आपको मां संतोषी के ऐसे ही दो मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कि बेहद ही प्रसिद्ध हैं। इन मंदिरों में जाकर मां के दर्शन करने से मां प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तिों की हर कामना पूरी कर देती हैं। तो आइए जानते हैं, संतोषी मां के इन दो प्रसिद्ध मंदिरों के बारें में।

प्रगट संतोषी माता मंदिर, जोधपुर

राजस्थान के जोधपुर में स्थित संतोषी मां का प्रगट संतोषी माता मंदिर बेहद ही लोकप्रिय है। इस मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार इस मंदिर में जाकर मां के दर्शन करने से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी हो जाती है।

ये मंदिर बेहद ही सुंदर तरीके से बना हुआ है और इस मंदिर में स्थापित की गई मां संतोषी की मूर्ति काफी सुंदर है। इस मंदिर का मुख्य गर्भगृह की चट्टानें शेषनाग की भांति हैं, जो कि मां की मूर्ति के ऊपर छाया देती हैं। ये मंदिर मां के शक्तिपीठ में से एक है।

इस मंंदिर में लोग मां की पूजा लाल सागर वाली मैय्या और संतोषी मैय्या के रूप में करते हैं। दरअसल इस मंदिर के पास लाल सागर नाम का एक सरोवर है। जिसकी वजह से यहां के लोग मां को लाल सागर वाली मां कहते हैं। ये मंदिर पहाड़ के पास स्थित है और इस मंदिर के आसपास काफी हरियाली है।

संतोषी माता मंदिर, हरि नगर, दिल्ली

दिल्ली के हरि नगर में स्थित मां संतोषी मंदिर पर कई लोगों की आस्था और ऐसा कहा जाता है कि ये मंदिर 100 साल पुराना है। इस मंदिर को भगत शमशेर बहादुर सक्सेना ने बनाया था और नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में काफी भीड़ होती है। ये मंदिर जेल रोड पर हरि नगर बस डिपो के पास स्थित है।

इस मंदिर में कोई भी पुजारी नहीं है और मंदिर में मौजूद सेवादार ही मंदिर का काम देखते हैं। मां संतोषी मंदिर में 900 से ज्यादा सेवादार हैं। इस मंदिर में भंडारा भी किया जाता है जो कि 3 बजे से रात 10 बजे तक होता है। इसके अलावा हर मंगलवार को मां वैष्णो देवी और हर रविवार को संतोषी माता की चौकी का आयोजन भी इस मंदिर में किया जाता है।

मां की विशाल मूर्ति के सामने 24 घंटे अखंड ज्योति जलती है। भक्तों के अनुसार संतोषी मां सहज रूप में प्रकट होकर दर्शन भी देती हैं। इस मंदिर में माता की अष्ट धातु की विशाल मूर्ति है।

मां संतोषी मंदिर के पास स्थित पीपल के पेड़ की पूजा भी भक्त करते हैं और पेड़ पर लाल चुनरी बांधते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस पेड़ पर चुनरी बांधने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। वहीं मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु पेड़ पर बांधी गई चुनरी खोलने भी आते हैं।

मंदिर में स्थापित माता की मूर्ति का रोज श्रृंगार किया जाता है और श्रृंगार करते हुए ताजा फूलों का प्रयोग किया जाता है। साथ में ही मां को नए वस्त्रों,आभूषण और चूड़ी पहनाई जाती है।

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