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खुशखबरी! भारतीय वैज्ञानिकों ने तैयार की कोविड-19 जांच किट, 90 मिनट में देगी जांच का रिजल्ट

भारत की एक कंपनी ने स्वदेशी कोविड-19 टेस्ट किट तैयार कर ली है, जो कि महज कुछ ही समय के अंदर कोरोना वायरस के टेस्ट का परिणाम बताने की क्षमता रखती है। ये किट जीसीसी बायोटेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने तैयार की है और इस किट को हरी झंडी भी मिल गई है। सरकार की और से दी गई जानकारी के अनुसार केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) की संबद्ध (Affiliate) जीसीसी बायोटेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कोरोना (कोविड-19) महामारी पैदा करने वाले वायरस सार्स-कोव-2 के आरएनए (राइबो न्यूक्लिक एसिड) की जांच करने वाली किट तैयार की है। इस किट के जरिए कम समय में ही टेस्ट का रिजल्ट आ जाएगा और ये काफी सस्ती भी है।

महज इतने मिनट में देगी परिणाम

कोरोना वायरस की जांच करने वाली ये किट 90 मिनट के दौरान वायरस की जांच करने की क्षमता रखती है। यानी ये किट महज 90 मिनट के दौरान ही ये बात सकती है कि व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है कि नहीं। इतना ही नहीं इस किट का मूल्य भी बेहद ही कम है और ये किट महज 500 रुपए की है। साथ में ही इस किट की गुणवत्ता भी काफी अच्छी बताई जा रही है।

कंपनी के प्रवक्ता एवं अनुसंधान एवं विकास विभाग प्रमुख डॉ अविजीत घोष ने सोमवार को इस किट के बारे में जानकारी दी और बताया कि देश में तैयार की गई इस किट को डीआईएजीस्योर एन कोव-19 नाम दिया गया है और इस किट को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंजूरी मिल गई है। जिसके साथ ही अब ये किट टेस्ट के लिए इस्तेमाल की जा सकेगी। ये किट संभवत: देश में कोविड-19 की जांच करने वाली सबसे सस्ती किट है।

तेजी से हो सकेगी जांच

इस किट की मदद से अब देश में कोरोना वायरस के टेस्ट में तेजी आ सकेगी और तेजी के साथ ये पता लगाया जा सकेगा कि कौन व्यक्ति कोरोना वायरस से ग्रस्त है और कौन नहीं। इस किट को  विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र (CDC) की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाया गया है।

डॉ. घोष ने कहा कि कोरोना जांच के लिए अभी भी हमारा देश दूसरे देशों से कोविड-19 जांच किट का आयात कर रहा था और  अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी लागू होने के कारण आयात में काफी मुश्किलें आ रही थी। इतना ही नहीं विदेशों से खरीदी जा रही किटों की जांच रिपोर्ट में भी गड़बड़ी आ रही थी। ऐसे में भारत ने खुद की जांच किट विकसित करने का फैसला लिया और ये किट तैयार की गई है। इस किट से कोरोना की जांच में तेजी लाई जा सके।

दो महीनों में बनकर तैयार हुई ये किट

डॉ. घोष ने कहा कि इस किट को तैयार करने के लिए दो महीनों का समय लगा है और ये किट युवा भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने बनाई है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अधिक से अधिक लोगों की जांच करना जरूरी है। वहीं सरकार की और से जो किट अन्य देशों से खरीदी जा रही है वो सही परिणाम नहीं दे रही है। ऐसे में अब भारत ने कुछ की सस्ती किट को तैयार कर लिया है।

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