अध्यात्म

घर में गंगाजल रखते समय भूलकर भी ना करे ये 4 गलतियां, बन जाओगे पाप के भागीदार

हिंदू धर्म में गंगाजल को सबसे पवित्र चीज माना जाता हैं. इसकी वजह ये हैं कि शास्त्रों के अनुसार गंगा नदी देवी तुल्य हैं. अर्थात इसके जल से इंसान को मोक्ष की प्राप्ति होती हैं. इसके अलावा गंगा जल में और भी कई धार्मिक गुण उपस्थित रहते हैं. यही वजह हैं कि इसका इस्तेमाल अक्सर पूजा पाठ में, घर के शुद्धिकरण में एवं अभिषेक इत्यादि में किया जाता हैं. ऐसी मान्यता हैं कि इस गंगा जल के अंदर कई दैवीय शक्तियां होती हैं. इसे प्राचीन समय से ही चमत्कारी जल माना गया हैं. ये भी कहा जाता हैं कि गंगा नदी में स्नान कर लेने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं. इसके अलावा ये भी मान्यता हैं कि गंगा जल से स्नान करने से कई तरह की बीमारियाँ भी ठीक हो जाती हैं. दरअसल कई ऐसे वैज्ञानिक दावे भी सामने आए हैं जिसमे बताया गया हैं कि गंगा जल के अंदर किसी भी प्रकार के जीवाणु या विषाणु नहीं उत्पन्न होते हैं. इसलिए इस जल को सबसे शुद्ध जल माना जाता हैं.

हिंदू धर्म में तो ये जल बहुत शुद्ध भी माना जाता हैं. ऐसे में लगभग हर घर में इसे रखा भी जाता हैं. यदि आप भी अपने घर में गंगा जल रखते हैं तो आपको इससे जुड़े कुछ नियमों का पालन करना चाहिए. यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो पाप के भागीदार बन सकते हैं. इसके बाद गंगा जल का प्रभाव भी कम हो सकता हैं. तो चलिए जानते हैं कि आपको घर में गंगा जल रखते समय क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए.

ये लोग गंगा जल को हाथ ना लगाए

मांस मच्छी का सेवन करने के बाद गंगा जल को नहीं छूना चाहिए. शराब, तम्बाकू और सिगरेट इत्यादि नशे करने के बाद भी गंगा जल को छूना मना होता हैं. इसलिए जिस दिन आप इन पदार्थों का सेवन करे उस दिन गंगा जल को हाथ ना लगाए. यदि आप ये नियम नहीं मानते हैं तो पाप के भागीदार बनते हैं. इसके साथ ही इससे गंगा जल की शुद्धता नष्ट हो जाती हैं.

यहाँ रखे गंगा जल

गंगा जल को हमेशा घर के मंदिर में ही रखना चाहिए. इसकी वजह ये हैं कि मंदिर में ये रखा रहेगा तो इसकी सुबह शाम नियमित रूप से पूजा पाठ भी होती रहेगी. इसके साथ ही मंदिर वाला स्थान एक पॉजिटिव एनर्जी वाला स्थान होता हैं. यहाँ इसे रखने से गंगा जल की पवित्रता कई लम्बे समय तक बनी रहती हैं.

इसमें रखे गंगा जल

गंगा जल हमेशा घर में मिट्टी, चांदी या कांसे के बर्तन में ही रखना चाहिए. इसका कारण ये हैं कि इस प्रकार के बर्तनों में गंगा जल के शुद्ध और देविक गुण बने रहते हैं. गंगा जल को कभी भी प्लास्टिक की बोतल में नहीं रखना चाहिए.

गंदे हाथो से ना छुए गंगा जल

जब भी आप गंगा जल का इस्तेमाल करे तो उसे साफ़ सुथरे और शुद्ध हाथों से ही स्पर्श करे. गंदे हाथों से गंगा जल को छूने से दोष लग सकता हैं.

यदि आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो ये नियम दूसरों के साथ भी शेयर करे.

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