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हताश अखिलेश ने बीजेपी की जीत पर कसा तंज, खुद नहीं ली हार की जिम्मेदारी… देखिये वीडियो!

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ हो चुका है, केवल सपा की बात करें तो सपा 403 विधानसभा सीटों में से 50 सीटों पर भी जीत नहीं दर्ज करा सकी. अब सपा महज 47 सीटों पर सिमट चुकी है. अखिलेश यादव के वादे फीके पड़ गए और विकास की आलीशान इमारत शायद जनता को नजर नहीं आई.

लेकिन एक बात गौर करने वाली है कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में आज तक कोई भी सीएम अपना कार्यकाल लगातार नहीं दोहरा सका. यानी कि उत्तर प्रदेश में कई लोग दो बार सीएम तो बने लेकिन लगातार दो बार सीएम आज तक कोई नहीं बन सका है.

उत्तर प्रदेश ने उत्तर दे दिया है और परिवर्तन की बयार बह चली है, इसी के साथ बीजेपी का 14 साल का वनवास भी खत्म हो गया. उम्मीद है कि बीजेपी राज्य में राम राज्य लाने का प्रयास जरूर करेगी. बीजेपी की जीत इतनी बड़ी है कि अन्य विरोधी पार्टियां मिलकर भी एक अच्छा और सशक्त विपक्ष नहीं तैयार कर पायेंगी. विपक्षियों की हार का आलम यह है कि कोई भी इतनी बुरी हार की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है.

नहीं ली हार की जिम्मेदारी, जनादेश पर कसा तंज:

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी सीधे तौर पर पार्टी की हार की जिम्मेदारी नहीं ली. अखिलेश आये प्रेस कॉन्फ्रेंस किये, जनता के दिए जनादेश पर तंज किये और फिर समीक्षा करने के बाद जिम्मेदारी लेने की बात कहते हुए उठकर चले गए. अखिलेश यादव ने हार स्वीकार तो की मगर जिम्मेदारी लेने से भागते रहे.

अच्छा काम करेगी अगली सरकार:

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में ही अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जनता को एक्सप्रेस वे पसंद नहीं आया उन्हें शायद बुलेट चाहिए, और नयी सरकार उन्हें बुलेट ट्रेन देगी. उन्होंने कहा कि हमने यूपी में 5 साल अच्छा काम किया, उम्मीद है अगली सरकार हमसे भी अच्छा काम करेगी. उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को धन्यवाद भी दिया.

अखिलेश के चेहरे पर साफ झलक रही थी हताशा:

हालांकि उनके चेहरे पर हताशा साफ झलक रही थी. शुरू में तो वह बहुत परिपक्वता से पत्रकारों का जवाब दे रहे थे लेकिन बाद में वो डिफेंसिव होते और फिर अटैकिंग होते नजर आये. सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि हमने लोगों को अपनी योजनाओं के बारे में खूब समझाया लेकिन लगता है लोकतंत्र में कभी कभी समझाने से नहीं बहकाने से वोट मिलता है.

पीएम मोदी देश भर के किसानों का माफ करेंगे कर्ज:

उन्होंने एक वाकया सुनाते हुए कहा कि कई बार गरीबों को पता ही नहीं होता है कि उन्हें क्या मिलने जा रहा है. साथ ही उन्होंने बीजेपी के मैनिफेस्टो पर भी तंज किया और कहा कि उम्मीद है कि कैबिनेट की पहली मीटिंग में ही सरकार न सिर्फ प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करेगी बल्कि पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ करेगी.

मायावती का किया समर्थन:

अखिलेश यादव ने मायावती का समर्थन करते हुए ईवीएम मशीनों की जांच कराये जाने की बात भी कही साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन जारी रहेगा. अखिलेश यादव का मानना है कि सपा को भी कांग्रेस से गठबंधन का फायदा मिला है. वहीं हार पर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि लोग सभाओं में तो आते थे लेकिन लगता है वोट नहीं दिया. ऐसे में ये नहीं समझ पा रहा हूं कि वो लोग सभाओं में क्या करने आते थे.

हालांकि सीएम अखिलेश यादव ने हार की जिम्मेदारी नहीं ली और बार बार समीक्षा करने की बात कही. ऐसे में यह समझना मुश्किल है कि विपक्षी पार्टियों के शीर्ष नेता हार की जिम्मेदारी लेने से इतना क्यों भाग रहे हैं. इससे कहीं न कहीं ये बात तो साफ है कि विरोधी पार्टियों के नेताओं को बीजेपी कि जीत हजम नहीं हो रही है.

देखिये वीडियो-

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