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मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ ने ट्यूशन से लौट रही बच्चियों से की थी ग़लत हरकत, कपडे तक उतरवा दिए थे

दिल्ली हिंसा के दौरान स्कूली छात्राओं के साथ बदतमीजी करने का एक मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार करीब 8 से 10 हिन्दू लड़कियां जब ट्यूशन पढ़कर अपने घर जा रही थी। तब रास्ते में मुस्लिम दंगाइयों की एक भीड़ ने इन लड़कियों को पकड़ लिया। दंगाइयों को देखकर ये लड़कियां काफी डर गई और दंगाइयों से घर जाने के लिए मिन्नतें करने लगी। लेकिन दंगाइयों ने इन बच्चियों की एक ना सुनी और इन्हें तंग करने लगे। एक लड़की की मां के अनुसार उनकी बेटी अपनी अन्य दोस्तों के साथ शाम को ट्यूशन पढ़कर घर आ रही थी। तभी रास्ते में उनके साथ मुस्लिम दंगाइयों ने छेड़छाड़ की। मुस्लिम दंगाइयों ने बच्चियों के कपड़े फाड़े और उन्हें तंग करने लगे। इस हादसे से ये लड़कियां काफी डरी हुई हैं और अपने घर से बाहर तक नहीं निकल रही हैं। ये घटना नॉर्थ-ईस्ट के हिंसा प्रभावित इलाके करावल नगर की है।

किताबों को फाड़ा

पीड़ित बच्चियों की मां के अनुसार मुस्लिम दंगाइयों ने लड़कियों के हाथ से किताबों को छीन लिया और फिर इन किताबों को फाड़कर ऊपर की तरफ उछाल दिया। जब कुछ बच्चियों ने विरोध किया तो दंगाइयों ने उन्हें थप्पड़ मारे और गाली दी। एक अन्य पीड़िता की मां के मुताबिक उनकी बच्ची रोते हुए घर पहुंची और उसने इस घटना के बारे में सब बताया। और बच्ची अब घर से बाहर नहीं निकल रही है। बच्चियों के परिवारवालों ने अभी तक पुलिस में केस दर्ज नहीं किया है। परिवार वालों के अनुसार वो अभी सदमें में हैं और कुछ समय बाद पुलिस में केस दर्ज करेंगे।

स्कूल बस को लगाई आग

नॉर्थ-ईस्ट के विक्टोरिया स्कूल की बसों को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया। इस स्कूल के गार्ड के अनुसार दंगाइयों ने हिंसा के दौरान 2 बस और वैन को आग लगा दी। ये स्कूल दिल्ली के बृजपुरी इलाके में है। इस स्कूल में करीब दो हजार छात्र पढ़ते हैं। वहीं इस घटना के बाद से उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सभी स्कूलों को  7 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट को आदेश दिए हैं कि स्कूल 7 मार्च तक बंद रहेंगे और इस दौरान गृह परीक्षाएं भी नहीं ली जाए।

दिल्ली में 25 फरवरी को हुई इस हिंसा के बाद से दिल्ली का माहौल काफी तनाव भरा है। 1 मार्च को ही दिल्ली के कई इलाकों में फिर से हिंसा होने की खबर फैल गई थी। जिसकी वजह से कई दुकानदारों ने अपनी दुकाने बंद कर दी थी और सभी लोग अपने घरों में जाकर छुप गए थे। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसे एक अफवाह बताया था और लोगों से शांत रहने की अपील की थी।

गौरतलब है कि 25 फरवरी को हुई हिंसा में 44 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोग घायल हैं। घायलों का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। वहीं इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों को पकड़ने में लगी हुई है।

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