अगर आप भी चाहते हैं घर में सुख, शांति तो मुख्य द्वार के बारे में रखें कुछ बातों का ध्यान

हर घर अपने आप में बहुत ख़ास होता है और सबसे ज्यादा ख़ास होता है घर का मुख्य द्वार। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार घर के परिजनों के स्वास्थ, तरक्की, आर्थिक और मानसिक स्थिति से सीधा जुड़ा होता है। मुख्य द्वार की वजह से ही घर में सकारात्मक उर्जा और नकारात्मक उर्जा का प्रवेश होता है। अगर घर का मुख्य द्वार ही सही नहीं हो तो घर में कैसे खुशियाँ आ सकती हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा जरुरी होता है घर के मुख्य द्वार का दोष रहित होना। वास्तु में कुछ ऐसे नियम हैं, जिन्हें मुख्य द्वार पर अपनाने से आपके जीवन में किसी तरह की दिक्कत नहीं आती है और आपकी तरक्की होती रहती है।

ऐसा होना चाहिए घर का मुख्य द्वार:

*- घर के मुख्य द्वार को किसी और रंग से नहीं बल्कि गहरे महरून रंग, पीले या लाल रंग से रंगवाना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में सुख-शांति बनी रहती है और बुराई कोसों दूर रहती है। अगर इन रंगों को करवाना संभव ना हो तो इनमें से किसी एक रंग की पेंटिंग को आप अपने घर के मुख्य द्वार पर लगा सकते हैं।

*- घर के मुख्य द्वार पर मेटल से बनी हुई 6 छड़ों वाली विंड चाइम जरुर लगाएं। वास्तु के हिसाब से यह घर के माहौल को अच्छा बनाने के लिए बहुत जरुरी होता है। इसकी आवाज से घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक उर्जा पहले ही ख़त्म हो जाती है।

*- घर के मुख्य दरवाजे के पास तुलसी या चमेली का पौधा रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक उर्जा, सकारात्मक उर्जा में बदल जाती है। अगर गलती से मुख्य दरवाजा गलत दिशा में बना हुआ है तो उसका दुष्प्रभाव भी कम हो जाता है।

*- घर के मुख्य दरवाजे पर ॐ, स्वास्तिक, शुभ-लाभ, गणेश जी के शुभ चिन्ह जरुर बनाने चाहिए। इससे घर पर देवताओं की कृपादृष्टि बनी रहती है। ऐसा करने से घर बुरी नज़र से भी बचा रहता है।

*- घर के मुख्य दरवाजे पर वंदनवार लगाना काफी शुभ माना जाता है। अगर वंदनवार अशोक के वृक्ष के पत्तों से बना हुआ हो तो और अच्छी बात होती है। अगर ऐसा करना संभव ना हो तो चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है, आप बाजार में बिकने वाले वंदनवार भी लगा सकते हैं।

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