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चीन ने मानी भारत की ताकत, कहा – हममें क्षमता नहीं! भारतीय प्रतिभाओं को नजरअंदाज कर की गलती!

पेइचिंग/नई दिल्ली – चीन ने आखिरकार मान ही लिया कि भारत के विज्ञान एवं तकनीकी एक्सपर्ट्स को नजरअंदाज करना उसे काफी भारी पड़ा है। यह बात खुद चीनी मीडिया ने सरकार से कही है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक में लिखा है कि चीन को भारत के हाइटेक टैलंट को अपनी ओर आकर्षित करना चाहिए ताकि चीन खुद को आविष्कारों के मामले में बेहतर कर सके। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, ‘चीन ने भारतीय टैलंट को नजरअंदाज कर हम अमेरिका और यूरोप से आने वाले टैलंट पर निर्भर रहे हैं, जो हमारी गलती रही है।’ china indias high tech talent.

भारतीय प्रतिभाओं को नजरअंदाज करना चीन की गलती –

चीनी मीडिया के मुताबिक चीन ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के विशेषज्ञों को ‘नजरअंदाज करने की गलती’ की है। चीनी मीडिया ने लिखा है कि चीन को अपनी आविष्कारों की योग्यता को बरकरार रखने के लिए भारत के हाई-टेक हुनर को आकर्षित करना चाहिए था। सरकारी अखबार ग्लोबल टाईम्स ने एक लेख में कहा, ‘चीन ने भारतीय हुनर को नजरअंदाज करने और अमेरिका एवं यूरोप से आने वाले हुनर को ज्यादा अहमियत देने की गलती की है।’

चीन मांग पूरी करने में सक्षम नहीं –

चीनी सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि, “चीन का टैलेंट पूल बहुत बड़ा नहीं है। वह तेजी से आ रही डिमांड को पूरा करने में सक्षम नहीं है।” अखबार ने लिखा है, ‘पर्याप्त युवा हुनरमंद लोगों की मौजूदगी के कारण भारत बेहद आकर्षक स्थल बनता जा रहा है। इसी के नतीजे तय करेंगे कि चीन उभरती वैश्विक आर्थिक शक्ति के तौर पर अपने दर्जे को बनाए रख पाएगा या नहीं।’

गौरतलब है कि 2016 में चीन ने 1,576 विदेशियों को अपने यहां पर्मानेंट रेजिडेंसी की इजाजत दी थी जो एक साल पहले के मुकाबले 163 फीसदी अधिक थी। लेकिन इसमें भारतीयों को शामिल नहीं किया गया क्योंकि चीनी सरकार की प्राथमिकता अमेरिका और यूरोप से एक्सपर्ट्स लाने की थी।

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