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पति को पोर्न की लत लगने पर महिला ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका!

पोर्न पर बैन की मांग एक बार फिर उठी है. इस बार अपने पति की इंटरनेट पर पोर्न देखने की लत से परेशान मुंबई की एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर महिला ने पोर्न साइट्स पर बैन लगाने की मांग की है. उसने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि उसके पति को पोर्न की लत लग गई है और इसका बुरा असर दोनों की शादी पर पड़ रहा है.

बेशकीमती वक्त पोर्नोग्राफी देखने में गंवाते हैं :

चौंका देने वाली बात है कि दोनों की शादी को 30 साल हो गए हैं, लेकिन 55 साल की उम्र में आकर पति ने यह सब शुरू कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में महिला ने कहा है कि उनके पति अक्सर बेशकीमती वक्त पोर्नोग्राफी देखने में गंवाते हैं. महिला ने दलील दी है कि पोर्न लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है. मौजूदा समय में इंटरनेट पर पोर्नोग्राफी आसानी से उपलब्ध है और इसकी वजह से 30 साल का वैवाहिक जीवन खतरे में हैं.

इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं. महिला ने कहा, पॉर्न की लत के कारण मुझे और मेरे बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. महिला एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उन्होनें कहा कि बतौर सामाजिक कार्यकर्ता भी एेसे लोगों से मिलती हूं जो इंटरनेट पर मौजूद मुफ्त पॉर्न की लत से पीड़ित हैं.

पोर्न साइट बैन पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सभी तरह के पोर्न बेवसाइट को बैन करना मुश्किल है. वहीं सुप्रीम कोर्ट की बात पर सहमति जताते हुए सरकार का कहना है कि सभी वेबसाइट्स ब्लॉक करना संभव नहीं हैं. बैन अभिव्यक्ति की आजादी का हनन हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड पॉर्नोग्राफी वेबसाइट्स को ब्लॉक करने को लेकर केंद्र सरकार से पूछा था. शीर्ष अदालत ने केंद्र से कहा था कि एेसी साइट्स पर प्रतिबंध लगाने में तकनीकी कठिनाई का बहाना आदेश का पालन न करने के आधार के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

चाइल्ड पॉर्न साइट्स पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वह आईटी एक्सपर्ट्स के साथ बैठे और एेसी साइट्स को ब्लॉक करने के रास्ते खोजे. कोर्ट ने कहा कि वह भारतीय कानून के तहत यह मान्य नहीं है और आपको इन्हें ब्लॉक करना ही होगा. दरअसल, 800 से ज्यादा पोर्न वेबसाइटों पर प्रतिबंध की खबर से देशभर में विरोध के सुर उठे थे. सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ बयानों की बाढ़ आ गई थी. बाद में सरकार ने चाइल्ड पोर्न को छोड़ शेष साइटों पर से प्रतिबंध हटा लिया था.

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