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छात्र ने PM से कहा- ‘मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं’, तो मोदी का जवाब सुनकर हंस पड़े सभी बच्चे

भारत के मून लैंडर विक्रम से उस समय संपर्क टूट गया, जब वह तेज़ी से चंद्रमा की सतह की तरफ बढ़ रहा था। संपर्क टूटने के बाद इसरो के वैज्ञानिकों में काफी निराशा देखने को मिली। निराश वैज्ञानिकों को देख पीएम मोदी ने दिलासा देते हुए कहा कि जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं और हमारी उम्मीदें और हौसले ही हमें सबसे अलग बनाती है। जी हां, लैंडर विक्रम की लैंडिंग देखने के लिए पीएम मोदी खुद इसरो के केंद्र में स्कूली बच्चों के साथ मौजूद थे, जहां उन्होंने बच्चों से ढेर सारी बातें की और इसी दौरान एक बच्चे उनसे बड़ा ही दिलचस्प सवाल पूछ लिया है, जिसके जवाब में सभी ठहाके मार के हंसने लगे।

चंद्रयान-2 की लैंडिंग देखने के लिए इसरो केंद्र में पीएम मोदी समेत स्कूली बच्चे मौजूद रहें, जिन्हें क्विज के माध्यम से लाइव प्रसारण देखने का मौका मिला था। पीएम मोदी स्कूली बच्चों के साथ पूरी तरह से बच्चे बन जाते हैं और उनसे मस्ती करने से पीछे नहीं हटते हैं और ऐसा ही कुछ इस बार भी हुआ। चंद्रयान-2 की लैंडिंग देखने के लिए मौजूद बच्चों के साथ पीएम मोदी बातचीत करते हुए नज़र आए और उनके द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब भी देते हुए नज़र आए।

बच्चे ने पीएम मोदी से पूछा ये सवाल

सवाल जवाब के दौरान एक बच्चे ने पीएम मोदी से कहा कि वह भविष्य में देश का राष्ट्रपति बनना चाहता है, तो उसे क्या करना चाहिए। इस सवाल को सुनकर पीएम मोदी के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान दिखी, जिसने सबका दिल जीत लिया। बता दें कि पीएम मोदी को बच्चों के साथ बातचीत करना बहुत पंसद होता है, जिसकी वजह से वे जब भी बच्चों के बीच होते हैं, तो बच्चे बन जाते हैं, जिसका कई बार वीडियो या फोटोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है।

पीएम मोदी ने दिया ये जवाब

पीएम मोदी ने उस बच्चे का सवाल सुनकर पहले तो उसकी पीठ थपथपाई और फिर जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ही क्यों, प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनना चाहते हो? इस जवाब के बाद वहां मौजूद सभी बच्चे हंसने लगे और पीएम मोदी भी जमकर ठहाके लगाते हुए नज़र आए। इससे पहले कई बच्चों ने पीएम मोदी से सवाल जवाब किए, जिसके बाद पीएम मोदी ने बच्चों के हौसलों को बढ़ाया और उन्हें भविष्य में कभी भी निराश न होने की सलाह दी।

संपर्क टूटने से निराश हुए वैज्ञानिक

चंद्रमा की सतह से ठीक 2.1 किलोमीटर पहले संपर्क टूटने से वैज्ञानिक काफी ज्यादा निराश हो गए, जिसके बाद पीएम मोदी ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने अपना बेस्ट दिया और ये किसी कामयाबी से कम नहीं है। जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं और हमारी उम्मीद नहीं टूटी है, बल्कि हम आगे फिर से प्रयास करेंगे। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश को आप वैज्ञानिकों पर गर्व हैं कि आपने इतनी शिद्दत से इस मिशन पर काम किया।

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