नेता की बेटी ने गाजियाबाद में किया सुसाइड, फिर बेंगलुरु में मिली जिंदा, पुलिस भी रह गई हैरान ससुराल की प्रताड़नाओ से तंग आकर आत्महत्या करने वाली लड़की पुलिस को मिली जिंदा

गाजियाबाद से एक बहुत ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया हैं, जिसके बारे में जान आपके भी होश उड़ जाएंगे. यहाँ हिंडन नदी के पास एक लड़की की कार मिली थी. कार में एक सुसाईड नोट रखा हुआ था जिसमे लड़की ने बताया कि वो अपने ससुराल वालो की प्रताड़ना झेल तंग आ चुकी थी इसलिए नदी में कूद अपनी जान दे रही हैं. हालाँकि इस घटना के कुछ दिन बाद ही पुलिस को लड़की चलती फिरती जिंदा हालात में बेंगलुरु में दिखाई दी. ये नजारा देख पुलिस वाले भी हैरान रह गए. तो आखिर उस दिन ऐसा क्या हुआ था जो लड़की पुलिस को मृत हालत की बजाए जिंदा किसी दुसरे शहर में मिल गई. चलिए इस पुरे मामले को विस्तार से जानते हैं.

हम यहां जिस लड़की की बात कर रहे हैं उसका नाम कोमल हैं. कोमल भारतीय किसान यूनियन के नेता (राष्ट्रीय सचिव) अनिल तालान की बेटी हैं. वो एक बीमा कंपनी में बतौर ट्रेनिंग मैनेजर काम करती हैं. 6 जुलाई के दिन कोमल की कार हिंडन ब्रिज के पास खाड़ी में पाई गई थी. इस कार के अंदर कोमल नहीं थी. जब पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमे एक सुसाइड नोट रखा मिला. इसमें कोमल ने लिखा था कि उसके ससुराल के लोग बहुत परेशान करते हैं, प्रताड़ना देते हैं, इस वजह से वो नदी में कूद आत्महत्या करने जा रही हैं. इस नोट को पढ़ने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने नदी में गोताखोर को कूदा कर कई घंटो तक सर्च ऑपरेशन भी कराया था. हालाँकि नदी में कोमल का शव नहीं मिला. इससे पुलिस को शक हुआ और उन्होंने आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी.

पुलिस अपने इंटेलिजेंस इनपुट की सहयता से कोमल की लोकेशन पता लगाने की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने सबसे पहले उसके पिता से बात करी. उन्होंने भी इस बात की पुष्टि करी कि उनकी बेटी कोमल को उसके ससुराल वाले बहुत परेशान करते थे. फिर पुलिस ने कोमल के जान पहचान के लोगो बातचीत करी, साथ ही घटना स्थल पर उस दिन मौजूद लोगो के भी बयान लिए. पुलिस को पता चला कि कोमल ने पहले हिंडन बैराज पर अपनी कार छोड़ी और वो आनंद विहार बस अड्डे चली गई. यहां से उन्होंने ऑटो लिया और बस मैं बैठ जयपुर गई. इसके बाद जयपुर से फ्लाईट लेकर वे मुंबई जा पहुंची. फिर कुछ दिन बाद पुलिस को सुचना मिली कि कोमल बेंगलुरु में हैं.

इसके बाद जब पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो वो बेंगलुरु की एक ट्रेन में कम्बल से मुंह छिपाए दिखाई दी. पुलिस को देख वो छिपने की कोशिश कर रही थी लेकिन पकड़ी गई. पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि कोमल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैं. वो अपने ससुराल की प्रताड़नाओ से तंग आ चुकी थी. बरहाल उसे बेंगलुरु से गाजियाबाद वापस लेन की प्रक्रिया पूरी की जा रही हैं.

ये पूरा मामला ही बड़ा हैरान करने वाला था. वैसे आप लोगो को क्या लगता हैं कोमल ने इस तरह का नाटक खेल सही किया या फिर उसे कोई दूसरा कदम उठाना चाहिए था? अपने जवाब कमेंट में दे.