इसरो ने जारी की चंद्रयान-2 की तस्वीर, 15 जुलाई को होगा लॉन्च करीब 1 हजार करोड़ की लागत से बना है चंद्रयान-2

इसरो इस महीने चंद्रयान-2 को लॉन्च करने जा रहा है। चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की तारीख का ऐलान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने हाल ही में किया है और इसरो चंद्रयान-2 को 15 जुलाई के दिन लॉन्चिंग करने वाला है। इतना ही नहीं इसरो ने चंद्रयान-2 की तस्वीर को भी लोगों के साथ सांझा किया है। चंद्रयान-2 में इसरो द्वारा 3 मॉड्यूल लगाए गए हैं जो कि ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं।

एक हजार करोड़ की लागत से बना है चंद्रयान-2

कई सालों की मेहनत के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) चंद्रयान-2 को बनाने में कामयाब हुआ है और चंद्रयान-2 को बनाने में करीब एक हजार करोड़ रुपए की लागत आई है। इसरो ने चंद्रयान-2 को लॉन्च करने से जुड़ी जानकारी और चंद्रयान-2 की तस्वीर अपनी वेबसाइट के जरिए सांझा की है। आपको बात दें कि चंद्रयान-2 को बनाने की और लॉन्च करने की सारी जिम्मेदारी दो महिला वैज्ञानिकों के हाथों में हैं और इनकी देख रेख में ही इस मिशन को अंजाम दिया जाना है।

आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से होगा लॉन्च

चंद्रयान-2 को जीएसएलवी एमके-3 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाना है और जीएसएलवी की कीमत 375 करोड़ रुपए की है। चंद्रयान-2 आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा। चंद्रयान-2 को चांद तक पहुंचने में करीब डेढ़ महीने का वक्त लग जाएगा और इसरो के अनुसार चंद्रयान-2 6 या 7 सितंबर को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास लैंड करेगा।

इस तरह से पूरा होगा मिशन

चंद्रयान-2 मिशन तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण के तहत ऑर्बिटर अपने पेलोड के साथ चांद का चक्कर लगाएगा। इसके बाद लैंडर चंद्रमा पर उतरेगा और रोवर वहां पर स्थापित करेगा। इसरो के अनुसार रोवर को लैंडर के अंदर लगाया जाएगा और रोवर की मदद से ही इसरो को चांद की सतह के बारे में जानकारी मिलेगी। भारत की और से दूसरी बार चांद पर चंद्रयान यान भेजा जा रहा है।  इससे पहले भारत ने साल 2008 में चंद्रयान-1 लॉन्च किया था।

करीब दस साल बाद भारत की और से फिर से चंद्रयान-2 लॉन्च किया जा रहा है और इसे चंद्रमा की सतह पर भेजा रहा जा रहा है। रोवर के चंद्रमा की सतह पर स्थापित होने के बाद भारत चांद में पानी और खनिज का पता लगाने का काम करेगा और रोवर चांद की सतह की तस्वीरें खींच कर इसरो को भेजेगा।

अगर भारत सही से चंद्रयान-2 की लैंडिग चांद पर इस बार करवा लेता है तो भारत चौथा ऐसा देश बन जाएगा जो कि चांद पर रोवर स्थापित करने में सफल होगा।  अभी तक केवल तीन ही देश चांद पर रोवर स्थापित करने में कामयाब हो सके हैं और ये देश अमेरिका, रूस और चीन हैं। हालांकि ये तीनों देश चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास अपना यान नहीं उतार पाए हैं। वहीं इस बार इसरो दक्षिणी ध्रुव के पास ही अपना यान उतारने जा रहा है और अगर इसरो ऐसा करने में सफल हो जाता है। तो भारत पहला ऐसा देश बन जाएगा जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास अपना यान उतारा होगा।