संयुक्त राष्ट्र संघ में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया लेकिन उनकी इस बात पर वहां मौजूद लोगों ने ध्यान नहीं दिया. पाकिस्तानी पीएम ने संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव एंतोनियो गुतेरेस के साथ बैठक में कश्मीर का मुद्दा उठाया, लेकिन वैश्विक संगठन ने हस्तक्षेप की मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

शरीफ ने कहा कि जम्मू और कश्मीर मुद्दों पर बातचीत जरूरी है :

इस्लामाबाद स्थित पाक पीएम के कार्यालय से जारी किए गए एक बयान में कहा है कि वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम में गुतेरेस से मिले और कहा कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र को ध्यान देना चाहिए. महासचिव से शरीफ ने कहा कि जम्मू और कश्मीर समेत सभी मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए बातचीत जरूरी है. हमने इसी सोच के साथ भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रावधानों और कश्मीरी लोगों की इच्छा अनुसार विवाद हल करने का निमंत्रण दिया है. शरीफ ने यह भी कहा कि भारत माहौल बिगाड़ना चाहता है और वह इस मुद्दे पर बातचीत के मूड में नहीं है और न ही उसने इस निमंत्रण का सकारात्मक जवाब दिया.

सिंधु जल समझौते का मुद्दा भी रखा :

शरीफ ने इस दौरान सिंधु जल समझौते का मुद्दा भी रखा. हालांकि महासचिव ने सिंधु डल जल समझौते के मुद्दे पर भी शरीफ के मनमुताबिक जवाब नहीं दिया. इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष राहील शरीफ ने कश्मीर मुद्दे पर टिप्पणी की है. राहिल ने कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बंटवारे का अधूरा एजेंडा करार दिया है. राहिल ने कहा कि इस विवाद के समाधान के बाद ही उस क्षेत्र में शांति बहाल हो सकती है. पूर्व पाक सेना प्रमुख ने यह बातें दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 47वीं वार्षिक बैठक से इतर ‘पाकिस्तान ब्रेकफास्ट’ नामक कार्यक्रम में कहीं.

WEF की बैठक के मौके पर पाक को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन पाथफाइंडर ग्रुप ऑफ पाकिस्तान की ओर से किया गया था. जिसमें दुनिया के तमाम राजनीतिक और व्यावसायिक हस्तियों ने हिस्सा लिया था.

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