पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI ने कराया कानपुर पुखरायां रेल हादसा, दुबई में हुई ब्लास्ट की प्लानिंग!

कानपुर के पुखरायां में हुई रेल दुर्घटना महज एक हादसा थी या किसी की सुनियोजित साजिश? इसपर रेलवे की जांच रिपोर्ट कुछ भी कहे लेकिन बिहार की पुलिस ने इस मामले में एक बड़ा खुलासा किया है. बिहार पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है जिनके तार कानपुर जैसी ही घटना रक्सौल-दरभंगा रेल लाइन पर अंजाम देने की कोशिश से जुड़े हैं.

गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में या बात सामने आई है कि कानपुर की घटना में भी गिरफ्तार किए गए आरोपियों का हाथ है, 20 नवंबर को कानपुर के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस का एक्सीडेंट हो गया था. हादसे में 153 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी.

आईएसआई की साजिश के तहत हुआ धमाका:

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे रैकेट के पीछे दुबई में बैठा एक शख्स है जो भारत में तबाही के लिए नेपाल से भाड़े के टट्टुओं का इस्तेमाल कर रहा है, दुबई के उस शख्स का नाम शमसुल होदा बताया जा रहा है, शमसुल होदा पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा हुआ है.

मोती पासवान ने किया खुलासा:

भारत-नेपाल सीमा पर गिरफ्तार मोती पासवान ने पूछताछ में यह खुलासा किया है बम विस्फोट से पटरी उड़ाई गई जिसके चलते ट्रेन हादसा हुआ. मोतिहारी एसपी जितेन्द्र राणा ने मंगलवार को बताया कि कानपुर ट्रेन हादसे में मोती सक्रिय रूप से शामिल था. एसपी के मुताबिक घोड़ासहन में एक अक्तूबर 2016 को रेलवे ट्रैक से बरामद आईईडी के मामले में मोती पासवान, मुकेश शर्मा और उमाशंकर पटेल को आदापुर से गिरफ्तार किया गया है.

दुबई के कारोबारी ने दिए पैसे:

मोती ने खुलासा किया है कि बम प्लांट की साजिश दुबई में बैठे शमशुल ने रची थी. जबकि नेपाल के बृजकिशोर गिरि को 20 लाख रुपये देकर घोड़ासहन में बम प्लांट की जिम्मेदारी दी गई थी. घोड़सहन में असफल होने पर मोती को कानपुर में बम प्लांट करने के लिए ले जाया गया. इसके लिए उसे दो लाख रुपये भी मिले थे.

एसपी राणा ने बताया कि कानपुर हादसे के मामले में दिल्ली में गिरफ्तार जियाउर और जुबैर की तस्वीर देख मोती ने उन्हें पहचाना और बताया कि वो दोनों उसके साथ कानपुर में बम प्लांट में शामिल थे, फिलहाल मोती से पूछताछ करने के लिए एनआईए, रॉ और एटीएस की टीम मोतिहारी पहुंच चुकी है.

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