ज्यादा भाषण से सिद्धू के गले की वोकल कॉर्ड खराब, डॉक्टर ने कहा ‘कुछ दिन चुप रहो’ सिद्धू की डेमेज हुई वोकल कॉर्ड का डॉक्टर इस तकनीक से करेंगे इलाज

नवजोत सिंह सिद्धू हमेशा से ही अपने लाउड और लंबे भाषणों के लिए जाने जाते हैं. सिद्धू की पर्सनालिटी ही कुछ ऐसी हैं कि वे कभी चुप नहीं बैठते हैं. उन्हें बोलना बहुत पसंद हैं. उनकी आवाज़ बहुत बुलंद हैं और वे कई बार तीखे लहजे में जनता के सामने अपनी बात रखना पसंद करते हैं. उनका यही अंदाज़ चुनावों के प्रचार और अन्य प्रमोशन में काम आता हैं. एक अलग अंदाज़ में उनके द्वारा कही गई बातें लोगो का ध्यान अपनी और खिचती हैं. लेकिन अब लग रहा हैं कि उनका ये तरीका उन्ही के ऊपर भारी पड़ गया हैं. जैसा कि आप सभी जानते हैं इन दिनों लोकसभा चुनाव का माहोल चल रहा हैं. ऐसे में हर नेता अपनी पार्टी का प्रचार करने में व्यस्त हैं. सिद्धू भी इस काम में जोरो सोरो से लगे हुए हैं. पिछले एक महीने में उन्होंने करीब 80 रेलियों में भाषण दिए हैं. हालाँकि उनके इस बीजी शेड्यूल का असर उनके गले की वोकल कॉर्ड में दिखाई देने लगा हैं.

एक ताज़ा खबर के अनुसार सिद्धू के गले की वोकल कॉर्ड बुरी तरह से खराब हो गई हैं. लगातार देते भाषणों के कारण उस पर इतना जोर पड़ा हैं कि एक समय तो उसमे से रक्त तक बहने लगा था. ऐसे में सिद्धू डॉक्टर से अपना इलाज करवा रहे हैं. इस इलाज के लिए डॉक्टर ने सिद्धू को दो आप्शन दिए हैं. पहला यह कि वो खराब हुए गले में बाम की कोटिंग करवा ले. इस इलाज के दौरान वे चार दिनों तक बोल नहीं सकते हैं. इसके बाद उन्हें दूसरा आप्शन ये दिया गया कि वे गले को सुचारू रूप से चलाने के लिए इंजेक्शन और स्टेरॉयड का सहारा ले. इस इलाज के समय उन्हें दो दिनों तक का फुल रेस्ट करना होगा.

चुकी लोकसभा चुनाव 2019 अपने अंतिम चरण में हैं और हर कोई प्रचार में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता हैं, इसलिए सिद्धू ने दूसरा इंजेक्शन एवं स्टेरॉयड वाला आप्शन चुना हैं. इसलिए दो दिन सिद्धू डॉक्टर की सलाह मान चुप रहेंगे और इन दिनों चुनाव प्रचार भी नहीं करेंगे. इन अंतिम चुनावी चरणों में नवजोत सिंह सिद्धू बिहार, बिलासपुर, नालागढ़, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में इलेक्शन कैंपेन करेंगे. हालाँकि सेहत में सुधार होने के बाद सिद्धू अपनी पुरानी शैली में ही जोर शोर से प्रचार कर पाते हैं या नहीं ये अभी कहना मुश्किल हैं. लेकिन एक बात तो तय हैं कि वे इस बिमारी के बाद भी पीछे नहीं हट रहे हैं. वे अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण रूप से निभाना चाहते हैं.

उधर सोशल मीडिया पर जब लोगो को इस बारे में पता लगा तो उन्हें पसंद ना करने वलो ने ट्रोलिंग शुरू कर दी. एक यूजर ने लिखा कि ये कर्मा का नतीजा हैं. जैसे कर्म करोगे वैसे फल पाओगे. वहीं उनके चाहने वालो ने नवजोत के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की. अब ऐसे में ये देखने वाली बात होगी कि इन अंतिम चरणों के चुनाव में कौन सी पार्टी कितनी ज्यादा एक्टिव रहती हैं. इसके बाद 23 मई को ही स्थिति साफ़ हो पाएगी कि देश में किस पार्टी की सरकार बनेगी.