लक्ष्यद्वीप पर राजीव गांधी की छुट्टियों पर उठे सवाल, प्राइवेट-टैक्सी जैसे यूज हुआ INS विराट पीएम मोदी का दावा अंडमान में राजीव गांधी की छुट्टियों के लिए सरकारी मशीन का इस्तेमाल प्राइवेट टैक्सी की तरह हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम राजीव गांधी द्वारा आईएनएस विराट को प्राइवेट टैक्सी की तरह इस्तेमाल किए जाने पर आरोप लगाए हैं. उनके इस आरोप पर राजनीति तेज हो गई है और इसके साथ ही पीएम ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर समझौते का भी आरोप लगाया है. इंडियन एक्सप्रेस ने साल 1988 में अंडमान में राजीव गांधी के छुट्टियां मनाने से जुड़ी एक रिपोर्च प्रकाशित करी थी. इसी के आधार पर नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी रैली में इस बारे में बात की और इससे कॉन्ग्रेस सपोर्ट्स भी बौखला गए हैं और सभी को एक और वजह मिल गई पीएम मोदी से नफरत करने की. लक्ष्यद्वीप पर राजीव गांधी की छुट्टियों पर उठे सवाल, चलिए बताते हैं क्या है पूरा मामला ?

लक्ष्यद्वीप पर राजीव गांधी की छुट्टियों पर उठे सवाल

इंडियन एक्सप्रेस ने 16 दिसंबर, 1987 को एक खबर छापी थी जिसके अनुसार, राजीव गांधी की छुट्टियों की मेजबानी बैरन द्वीप पर हुई थी.रिपोर्ट में लिखा गया था कि राजीव गांधी ने पिछले साल के अंत में छुट्टियां अपने इटली के रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ लक्ष्यद्वीप पर बिताई थी. प्रधानमंत्री इस साल अपनी छुट्टियां लक्ष्यद्वीप समूह के बैरन द्वीप पर बिताएंगे. सुरक्षा कर्मी, कॉन्ट्रेक्टर और कांग्रेस के नेताओं को प्रधानमंत्री की इस एक्सक्लूसिव लोगों के साथ वाले कार्यक्रम की तैयारी करने में लगा दिया गया था. उस समय के मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार वे लोग क्रिसमस के बाद एक हफ्ते तक द्वीप पर बिताने वाले थे. इंजीनियर्स और मजदूरों ने मिलकर हैलीपैड और आधुनिक सुविधाओं वाला रहने का अस्थाई ठिकाना तैयार करने में जुटे रहे. इन सब चीजों को करीब 200 से 400 किलोमीटर दूर से लाया जाएगा. नारियल पानी और मछली को छोड़कर छुट्टियां मनाने के लिए जिन सामान की जरूरत है उन सभी को हवाई जहाज के जरिए लाया जाएगा. इनमें किचन में काम करने वाला, पानी, जनरेटर के सात ही हर समय मौजूद रहने वाले सुरक्षाकर्मी और अटेंडेट्स शामिल होंगे.

30 दिसंबर, 1987 को छपी खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने छुट्टियां मनाने के लिए बंगारम द्वीप चुना. पीएम द्वीपों के इस समूह पर खास स्टेट्स का आनंद उठाएंगे और ये एकमात्र ऐसा द्वीप है जहां पर शराब पीने की अनुमति है. वहीं दूसरे मुस्लिम बहुल द्वीपों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. केवल जहाज ही एक ऐसी जगह है जहां पर पर्यटक या यहां आने वाले लोग शराब पी सकते हैं. ये ऐसा समझा जा सकता है कि प्रधानमंत्री जहाज पर पार्टी मनाने की योजना बना रहे हैं. कुछ सूत्रों के मुताबिक वीआईपी की जरूरतों का ख्याल रखते हुए कुछ चुनिंदा ब्रांड की शराब को पहले गी बंगारम द्वीप पर पहुंचा दिया गया था. चिकन, मीट और ताजी सब्जियों को भी कोचिन से विमान के जरिए पार्टी में पहुंचाया गया था.