BSP में एक टिकट का रेट 30 करोड़ चल रहा है, मायावती के बेहद करीबी ने लगाया आरोप नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा बीएसपी पार्टी की और से एक प्रयाशी से पैसे लिए जाते हैं और जब कोई दूसरा प्रत्याशी उससे अधिक पैसे देता है तो पहले वाले प्रत्याशी का टिकट काट दिया जाता है

बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर कांग्रेस पार्टी के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने चुनावी टिकट बेचने का आरोप लगाया है और कहा है कि जो प्रत्याशी ज्यादा पैसे देते हैं मायावती की पार्टी की और से उन्हें टिकट दिया जाता है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी मायावती के बेहद ही करीब व्यक्तियों में से एक हुआ करते थे और कुछ साल पहले ही इन्होंने बीएसपी पार्टी को छोड़ कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया था। वहीं अब इन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान मायावती पर टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। इनकी और से लगाए गए आरोप के अनुसार मायावती की पार्टी की और से केवल उस उम्मीदवार को ही टिकट दिया जाती है जो कि अधिक पैसों में टिकट को खरीदता है। जबकि जो लोग पैसे नहीं दे पाते हैं उनकी टिकट को काट दिया जाता है।

BSP में एक टिकट का रेट ३० करोड़ चल रहा है, चुनाव प्रचार के दौरान लगे ये संगीन आरोप

कांग्रेस पार्टी का चुनाव प्रचार कर रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने लोगों को संबोधित करते हुए मायावती की पार्टी पर ये आरोप लगाए है और लोगों से बात करते समय इन्होंने क्या क्या कहा है इसकी एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में सिद्दीकी कहते हुए नजर आ रहे हैं कि बीएसपी पार्टी की और से एक प्रयाशी से पैसे लिए जाते हैं और जब कोई दूसरा प्रत्याशी उससे अधिक पैसे देता है तो पहले वाले प्रत्याशी का टिकट काट दिया जाता है। मायावती पर हमला करते हुए नसीमुद्दीन ने आगे कहा कि “मै मस्जिद से निकलकर आया हूं, अल्लाह मेरी नमाज मेरे मुंह पर मार दे, अगर में झूठ बोल रहा हूं। खुदा की कसम मैंने ये तय कर रखा था कि इकबाल का टिकट होगा तो मैं चुनाव नहीं लडूंगा। एक बार इकबाल का टिकट तय हुआ दस करोड़ में इसके बाद उसका टिकट काट दिया गया और उसे पार्टी से बाहर कर दिया गया। ये टिकट किसी और को 15 करोड़ में दे दिया गया। इसके बाद उसका टिकट भी काट दिया गया। 20 करोड़ में फिर इकबाल को टिकट दिया गया। उसके बाद 25 करोड़ वाले आ गए। इकबाल का टिकट फिर काट कर 25 करोड़ वाले का हो गया। इसके बाद 30 करोड़ वाला आ गया। अरे मेरे दोस्तों ! ये 30 करोड़ किस बात के हैं। ये 30 करोड़ रूपये में हमारे आपके वोट की कीमत लगाई जा रही है।”

बिजनौर से कांग्रेस उम्मीदवार नसीमुद्दीन सिद्दीकी की और से लोगों से बात करते हुए दिए गए इस बयान से साफ है कि उन्होंने मायावती पर टिकट बचने का आरोप लगाया है। हालांकि ये पहली बार नहीं है जब मायावती की पार्टी पर टिकट बचने का आरोप लगा हो। इसके पहले भी कई नेताओं ने मायावती पर चुनावी टिकट बचने का आरोप लगाया है। कुछ साल पहले बीजेपी नेता दया शंकर सिंह ने इसी तरह का आरोप मायावती पर लगाया था। जिसके बाद मायावती ने दया शंकर सिंह को जेल भेजने की मांग की थी और दया शंकर सिंह के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई थी। जिसके चलते दया शंकर को जेल जाना पड़ा था। वहीं हाल ही केंद्रीय महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भी मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाया है और एक चुनावी सभा के दौरान कहा है कि मायावती किसी को मुफ्त में टिकट नहीं देती हैं। हर टिकट की एक कीमत होती है। एक टिकट की कीमत कम से कम 15 करोड़ रुपये से शुरू होती है।

कौन हैं नसीमुद्दीन सिद्दीकी

साल 2007 में मायावती जब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं तो इन्होंने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को अपनी राज्य सरकार में लोक निर्माण विभाग समेत कई मंत्रालयों का मंत्री बनाया था। कहा जाता था कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी BSP में एक टिकट का रेट ३० करोड़ चल रहा है,मायावती के पूर्व बेहद करीबी ने लगाया आरोप मायावती के बेहद ही करीब थे। लेकिन देश में नोटबंदी होने के दौरान एक आडियो टेप वायरल हुआ था। जिसमें नसीमुद्दीन मायावती से कह रहे थे कि बहन जी मैं अपनी प्रापर्टी बेच कर के पैसा दे दूंगा, बहनजी ! आप परेशान मत होइए।” ये आडियो टेप के वायरल होने के कुछ समय बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बीएसपी को छोड़ दिया था और वो कांग्रेस पार्टी में जाकर शामिल हो गए थे। इस साल के लोकसभा के चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को बिजनौर सीट से चुनावी टिकट दिया है।