पालक के कच्चे पत्ते खाने से होते हैं इतने सारे फायदे जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान पालक का रस बना कर उसमे गाजर का रस मिलाकर पीते हैं तो इससे शरीर की बढ़ी हुई चर्बी कम होने लगती है

गुणकारी सब्जी पालक पालक एक ऐसी पत्तेदार सब्जी है जिसे बड़े बुजुर्गों से लेकर बच्चे भी खाते हैं। हरी सब्जी होने के कारण यह सब्जी पोषक तत्वों से भरपूर है। यह एक ऐसी सब्जी है जिसे हम किसी भी रूप में खा सकते हैं फिर चाहे वह सूप के रूप में हो या रोटी के साथ सब्जी के रूप में। इस सब्जी की एक खूबी ये भी है कि इसे ज्यादातर सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जा सकता है जैसे-पालक पनीर, आलू पालक, मक्की पालक, पालक मशरूम आदि। इतना ही नहीं कच्ची पालक के पत्ते काटकर दाल, कढ़ी और रायते में भी इस्तेमाल होते हैं और इसके कच्चे पत्तों से पकौड़े, परांठे भी बनाये जाते हैं। यह ताजे और सूखे दोनों तरह से प्रयोग की जा सकती है, पालक के पत्ते हरी चटनी में भी इस्तेमाल होते हैं, इसे उबालकर भी रख सकते हैं और बाद में इसका प्रयोग कर सकते हैं। तो चलिये आज हम आपको बताते हैं पालक के सेवन से होने वाले अद्भुत लाभ।

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की पालक ना सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है मनी जाती है इसका सेवन दिमाग़ और आँखों के लिए बहुत अच्छा होता है। एक शोध के अनुसार हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे मेथी, पालक, बथुआ और शलगम के सेवन से दिमाग़ बचपन से लेकर बुढ़ापे तक चुस्त दुरुस्त बना रहता है और युवाओं की तरह सक्रिय रहता है, साथ ही पाचन सम्बन्धी समस्याओं के लिए पालक के जूस का सेवन लाभकारी है, कब्ज की समस्याओं में भी पालक का जूस लाभकारी है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि पालक का रस बना कर उसमे गाजर का रस मिलाकर पीते हैं तो इससे शरीर की बढ़ी हुई चर्बी कम होने लगती है।

वैसे देखा जाए तो पालक को केवल हिमोग्‍लोबिन बढ़ाने वाली स‍ब्‍जी माना जाता हैं, बहुत कम लोग जानते हैं कि इसमें इसके अलावा भी बहुत से गुण विद्यमान है। पालक में कैलोरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, फाइबर और खनिज लवण होता हैं। साथ ही पालक में विभिन्न खनिज लवण जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन तथा विटामिन ए, बी, सी आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाते हैं। पालक में आयरन की मात्रा अधिक होती है इस कारण यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में लाभकारी है, इसके नियमित सेवन से खून की भारी कमी पूरी की जा सकती है। पालक में पाए जाने वाले विशेष प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स और प्रोटीन मांसपेशिओं को विशेष तौर से ह्रदय की मांसपेशिओं को मजबूती प्रदान करते हैं।

इस दौरान आपको बस इस बात का ध्यान रखान बहुत ही आवश्यक है की आप इसे अच्छे साफ करने में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि हरी पत्तेदार सब्जी होने के कारण इसमें कई तरह के छोटे छोटे कीड़े होते हैं जो हरे रंग के होने के कारण आमतौर पर नज़र नहीं आते। इंका सेवन करने से पहले आपको चाहिए की इसे इस्तेमाल से पहले कम से कम दो या तीन बार अच्छे से धो लेना चाहिए। पालक की खेती रेतीली ज़मीन के अलावा हर तरह की ज़मीन के लिए अनुकूल है। आपको यह भी पता होना चाहिए की पालक का नियमित रूप से सेवन करने से हृदय रोगीयों को लाभ होता है।

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