दिलचस्प

कभी सिर पर सजा था ब्‍यूटी क्‍वीन का ताज, अब बन गई हैं सेना में अफसर

ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट जीतने के बाद अक्सर लड़कियां सिनेमा जगत या मॉडलिंग की दुनिया का रुख करती है और अपना करियर इन्हीं क्षेत्र में बनानें में लग जाती हैं। लेकिन गरिमा नामक एक लड़की ने ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट जीतने के बाद चकाचौंध की दुनिया की जगह अपने देश की सेवा करने का फैसला लिया और ये हमारी भारतीय सेना में शामिल हो गई। हरियाणा के रेवाड़ी के सुरहेली गांव में रहने वाली गरिमा यादव ने भारतीय सेना में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत की और इस मेहनत की वजह से ही ये आज लेफ्टिनेंट बन सकीं हैं।

20 राज्यों की लड़की को हारकर जीता था कॉन्‍टेस्‍ट

गरिमा यादव ने आर्मी में शामिल होने से पहले साल 2017 में  एक ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट में भाग लिया था और इस ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट को गरिमा ने बेहद ही आसानी से जीत लिया था। ‘इंडियाज मिस चार्मिंग फेस’ नामक इस ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट में 20 राज्यों की लड़कियों ने हिस्सा लिया था।

लेकिन गरिमा यादव का प्रदर्शन इस प्रतियोगिता में सबसे अच्छा रहा था और वो इस कॉन्‍टेस्‍ट में प्रथम नंबर पर आई थी। ये कॉन्‍टेस्‍ट जीतने के बाद गरिमा को एक इंटरनेशनल स्तर के ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट में हिस्सा लेने का भी मौका मिला था। लेकिन गरिमा यादव ने आर्मी में जाने का फैसला किया और इंटरनेशनल कॉन्‍टेस्‍ट के लिए इटली नहीं गई।

आसान नहीं था आर्मी में शामिल होना

आर्मी में शामिल होने के लिए गरिमा ने सबसे पहले कम्‍बाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) की परीक्षा दी थी और इस परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर लिया था। इस परिक्षा को पास करने के बाद इन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग इंस्‍टीट्यूट (ओटीए) में एक साल तक ट्रेनिंग ली थी और कड़ी ट्रेनिंग को लेने के बाद आज ये सेना में लेफ्टिनेंट बन गई हैं। लेफ्टिनेंट बनने के बाद गरिमा ने लोगों को बताया की किस तरह से उन्होंने भारतीय आर्मी का हिस्सा बनने के लिए खुद को तैयार किया। गरिमा के अनुसार उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काफी ध्यान दिया और अपनी कमजोरियों को दूर किया। साथ में ही गरिमा ने लोगों की इस धारण को भी गलत बताया जिसमें लोगों को लगता है कि जो लोग खेल कूद में अच्छे होते हैं और एकदम फिट होते हैं वो ही सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का हिस्सा बन सकते हैं। गरिमा के मुताबिक अगर आप मेहनत करते हैं तो आपको रोज उसके बेहतर नतीजे नजर आते हैं। चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग इंस्‍टीट्यूट से ट्रेनिंग लेने वाली गरिमा यादव ने अपने ट्रेनिंग के सफर को काफी अद्भुत अनुभव बताया। गरिमा के अनुसार वो  शारिरिक तौर पर फिट नहीं थी लेकिन उन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा। हर कठिन प्रशिक्षण का सामना किया और ट्रेनिंग के दौरान हर पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लिया।

जिस तरह से गरिमा ने हमारे देश की सेना का हिस्सा बनने के लिए मेहनत की है और  ब्‍यूटी कॉन्‍टेस्‍ट से पहले अपनी देश की सेवा को चुना है वो अन्य महिलाओं के लिए एक मिसाल है। गरिमा यादव के इस कदम से कई और भी लड़कियों को प्रेरण मिली है।

Back to top button