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जानिये एक से ज़्यादा बैंकों में आप के बैंक एकाउंट होने के फायदे और नुक़सान…!

आज के दौर में बैंक के बिना किसी भी अर्थव्यवस्था की कल्पना करना बेहद कठिन है, अगर हम यही सोचें की अचानक सभी बैंक बंद हो जायें तो क्या होगा, हम अपनी गाढ़ी कमाई कहाँ पर सुरक्षित रख पायेंगे. बैंकों के ख़त्म होने की बात सोचकर ही लगता है जैसे हमारे जीवन से कोई बेहद अहम् चीज छिन जायेगी जो की हमारी रोजमर्रा की जरूरत है. आज हमारे पास कम से कम एक बैंक अकाउंट तो जरुर होता है, फिर भी अभी देश के कई हिस्सों में लोगों के पास अपने बैंक खाते नहीं हैं.

शहरी इलाके में एक-एक आदमी के पास कई-कई बैंक एकाउंट्स होते हैं, क्या आप जानते हैं इन बैंक एकाउंट्स के फायदे और नुकसान के बारे में? क्या आपको पता है एक से ज्यादा बैंक खाते रखने के क्या-क्या फायदे और नुकसान है.

एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने के फायदे :

हमारा बैंक अकाउंट अक्सर सेविंग बैंक अकाउंट होता है, जिसपर जमा करने की तो कोई लिमिट नहीं होती पर निकासी यानी कि withdrawal की लिमिट होती है, ऐसे में आप अपने बैंक खाते से महीने में सीमित निकासी कर सकते हैं, यह सीमा रकम की नहीं नम्बर्स की होती है मतलब आप कितनी बार निकासी कर सकते हैं यह सीमित होता है.

इसके अलावा कई बैंक खाते होने पर आप अलग अलग बैंक खातों से कई बार पैसे निकाल सकते हैं ऐसे में निकासी के मौकों की संख्या बढ़ जाती है और आप अपने बैंक के खातों की संख्या के आधार पर अधिक निकासी कर सकते हैं.

एटीएम से मुफ्त निकासी की सुविधा भी सीमित होती है, ऐसे में कई खाते होने पर कई एटीएम होते हैं और उन कई एटीएम से आपके मुफ्त निकासी की संख्या में बढ़ोत्तरी की जा सकती है.

कई बैंक खाते आपकी बचत को सुरक्षित रखने में भी मददगार होते हैं, ऐसे में आप अपनी कुल जमा पूँजी को कई भाग में बाँट कर रख सकते हैं जो सुरक्षा के लिहाज से अच्छा होता है.

कई बैंक खाते होने पर आप कई चेक बुक इशू करा सकते हैं जिसका वक्त-बेवक्त जरूरत पड़ने पर प्रयोग किया जा सकता है.

वहीँ दूसरी तरफ बात करें कई खाते होने पर नुकसान की तो :

कई बैंक खाते होने पर उनका एनुअल मेन्टेनेन्स चार्ज भी बढ़ जाता है, एक बैंक खाते पर कई तरह के सर्विस चार्ज भी लगते हैं, जैसे एटीएम सर्विस चार्ज, नेट बैंकिंग चार्जेज, एसएमएस चार्जेज, और भी बहुत कुछ, तो कई खाते होने पर सभी खातों में इन सर्विस चार्जेज की रकम बड़ी हो जाती है जिससे आपकी जेब को अच्छी चपत लगती है.

चेक की दशा में क्लीयरिंग चार्जेज भी लगते हैं, जो कि आपके चेक के अधिकतम प्रयोगों पर निर्भर करता है.

इन्वेस्टमेंट के लिहाज से कई अलग अलग बैंक खाते होना बहुत अच्छा नहीं होता, अगर आप केवल सेविंग करते हैं तब तो ठीक है मगर आप इन्वेस्टमेंट के लिहाज से बैंक खाते का प्रयोग करना चाहते हैं तो एक निर्धारित बैंक अकाउंट रखना और सभी इन्वेस्टमेंट प्लान से उसे जोड़कर रखना ज्यादा अच्छा होता है.

अक्सर लोगों के कई खाते उनके अलग अलग जगह जॉब करने की वजह से होते हैं, ऐसे में एम्प्लायर आपके लिये सैलरी अकाउंट खुलवाता है जो कि नौकरी बदलने पर बंद करना पड़ता है, इस लिहाज से कई खाते होना ठीक नहीं होता है.

वहीँ अगर एक बैंक अकाउंट में आपकी बचत का अधिक से अधिक पैसा है तो आप उस खाते को हाइब्रिड कराकर उस रकम पर फिक्स डिपाजिट का इंटरेस्ट ले सकते हैं जबकि कई खाते होने पर आपकी कुल जमा पूँजी बंटी होगी और आपका एनुअल इंटरेस्ट भी बेहद कम आएगा.

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