मोदी के उपहारों की लगी थी बोली, 4 हजार की मूर्ति को 13 लाख में खरीदा, जानिए कितने में क्या बिका

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिए गए उपहारों की हाल ही में नीलामी की गई थी और इस नीलामी के जरिए 1800 वस्तुओं को नीलाम किया गया था. इन वस्तुओं की नीलामी का आयोजन नैशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (एनजीएमए) में किया गया था और फिर ऑनलाइन के जरिए भी इन चीजों को नीलाम किया गया था. इस नीलामी में कई सारे लोगों ने हिस्सा लिया था और इस नीलामी में रखी गई कई चीजों को उनके बेस प्राइस से 200 गुना ज्यादा में लोगों द्वारा खरीदा भी गया है.

पिछले महीने हुई थी ये नीलामी

इस नीलामी को जनवरी महीने के अंत में शुरू किया गया था और इस नीलामी के जरिए उन सभी चीजों को नीलाम किया गया था जो कि प्रधानमंत्री को उपहार को रूप में दी गई थी. इस नीलामी में कपड़ों से लेकर कई सारी मूर्तियां नीलाम की गई थी. वहीं ये नीलामी पूरी होने के कुछ समय बाद अब  प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की और से इस बात की जानकारी दी गई है कि इस नीलामी में क्या क्या चीजे कितने में खरीदी गई है. हालांकि इस नीलामी के जरिए कितने पैसे प्राप्त किए गए हैं इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है.

कितने में बिकी चीजें

पीएमओ की और से दी गई जानकारी के अनुसार इस नीलामी के तहत रखी गई कई चीजों को उनके बेस प्राइज से काफी अधिक मूल्य में खरीदा गया है. इस नीलामी में रखी गई भगवान शिव की एक मूर्ति को 10 लाख रुपये  में खरीदा गया है जबकि इसका आधार मूल्य पांच हजार रुपये रखा गया था. यानी ये मूर्ति इसके आधार मूल्य से  200 गुना अधिक पैसों में खरीदी गई है.

वहीं इस नीलामी में रखा गया एक अशोक स्तंभ का आधार मूल्य 4 हजार रुपए था. जिससे  13 लाख रुपये में खरीदा गया है. इसी तरह से गौतम बुद्ध की एक मूर्ति को सात लाख में खरीदा गया है जिसका आधार मूल्य चार हजार रुपए रखा गया था. असम के माजुली से पीएम को मिली एक पारंपरिक होराई को नीलामी में 2 हजार रुपए के मूल्य पर रखा गया था. मगर इसको 12 लाख रुपए में खरीदा गया है. वहीं एक लकड़ी की बाइक 5 लाख रुपये में खरीदा गई है.

गंगा की सफाई में प्रयोग होंगे पैसे

नीलामी के जरिए जोड़ी गई इस राशि का इस्तेमाल नमामि गंगे  परियोजना के लिए किया जाएगा. इस परियोजना को मोदी सरकार द्वारा शुरू किया गया था और इस परियोजना की मदद से गंगा नदी की सफाई की जा रही है. और अब नीलामी से मिले इन पैसों का गंगा की सफाई में प्रयोग किया जाना है.

पहले भी हुई है ऐसी नीलामी

मोदी ने इससे पहले भी उनको दिए गए उपहारों की नीलामी करवाई हुई है और जब ये गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब इसी तरह से की गई एक नीलामी के तहत इन्हें जो पैसे मिले थे उनका इस्तेमाल बालिकाओं की शिक्षा के लिए किया गया था. वहीं पीएम बनने के बाद इन्हें जो जो उपहार लोगों ने दिए थे उन चीजों की नीलामी इन्होंने हाल ही में करवाई है और ये चीजें काफी अधिक पैसों में खरीदी गई हैं.