इस कुएं के पानी से स्नान करने से दूर हो जाते हैं असाध्य रोग

लोग अपने पापों और रोगों को दूर करने के लिए कई तीर्थ स्थानों पर जाया करते हैं और ये तीर्थ स्थान काफी प्रसिद्ध भी हैं. कहा जाता है कि इन तीर्थ स्थानों पर जाकर इन जगहों पर स्थित नदियों के पानी से अगर स्नान किया जाए, तो लोगों के रोग एकदम दूर हो जाते हैं. हमारे देश में ऐसे कई सारे तीर्थ स्थान मौजूद हैं जहां पर समय समय पर लोग जाया करते हैं. लेकिन काफी कम लोगो को भरतकूप तीर्थ स्थान के बारे में जानकारी और लोगों को इस स्थान पर बने कुए के पवित्र पानी के बारे में भी नहीं पता है. कहा जाता है कि जो भी इंसान इस कुए के पानी से स्नान करता है उसके सारे रोग एकदम खत्म हो जाते हैं. इतना ही नहीं इस कुए के पानी को तीर्थ स्थानों के पानी के समान माना जाता है. ये चमत्कारी कुआ चित्रकूट के पास स्थित है और इस स्थान पर एक मंदिर भी बना हुआ  है.

कहां पर है ये कुआं

ये कुआ उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के पास है और जहां पर ये कुआ है वो जगह भरतकूप के नाम से जानी जाती है. इस जगह पर एक छोटा सा गांव भी है और इसी गांव में ये कुआ स्थित है. वहीं जब भी आप इस जगह पर जाएँगे तोआपको यहां पर खूब सारे लोग देखने को मिलेंगे जो कि इस कुए के पानी से स्नान करने के लिए दूर दूर से आते हैं.

आखिर क्यों है ये कुआ इतना प्रसिद्ध

मान्यता है कि जब राम जी को वनवास के लिए भेजा गया था तो उस समय इसी जगह पर आकर भरत जी ने उनको वापस से अपने साथ अपने राज्य चलने को कहा था. साथ में ही भरत अपने साथ राम जी का राज्याभिषेक करने के लिए समस्त तीर्थों का जल साथ लाए थे. मगर राम जी ने भरत के साथ जाने से मना कर दिया. जिसके बाद भरत जी ने अपने साथ लाए समस्त तीर्थों के जल को इस कुए में डाल दिया था और वापस राम जी की खड़ाऊ लेकर लौट गए. वहीं जब से इस कुए को भरतकूप कहा जाने लगा. साथ में ही कहा जाता है कि जो भी इंसान इस कुए के पानी से एक बार स्नान कर लें तो उसके सारे रोग एकदम गायब हो जाते हैं.

मंदिर में भी जाकर दर्शन करते हैं

इस कुए के साथ ही यहां पर एक मंदिर भी है और इस मंदिर में राम जी के सहित सीता लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न की मूर्तियां  मौजूद हैं और जो भी लोग इस जगह आते हैं पहले इस मंदिर के दर्शन करते हैं और फिर कुए के पानी से स्नान करते हैं. इस कुए के पानी को इतना पवित्र माना जाता है कि मकर संक्रांति और अमावस्या के दिन इस कुए के पानी से स्नान करने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं. साथ में ही कुए में स्नान करने के बाद लोग चित्रकूट भी जरूर जाया करते हैं और  मंदाकिनी में भी जाकर स्नान कर अपने पापों को खत्म करते हैं.