जानिये क्यों चढ़ाया जाता है शनि देव को तेल और इस के पीछे की वजह क्या है

हिंदू धर्म में शनि देवता का अपना एक अलग ही महत्व है। शनि देव एक मात्र ऐसे भगवान है, जिनकी लोग पूजा डर की वजह से करते हैं। माना जाता है कि शनि देव अगर क्रोधित हो जाते हैं तो इंसान की ज़िंदगी में तूफान मचा देते हैं। इन्हें कर्मों के देवता के नाम से जाना जाता है। शनि देव सिर्फ क्रोधित ही नहीं रहते हैं, बल्कि ये इंसान को उसके कर्म के मुताबिक फल देते हैं। इसलिए शनि देव को खुश करने के लिए लोग पूजा पाठ करते हैं, ताकि उनके साथ कोई अनिष्ठ न हो। इतना ही नहीं, लोग शनि देव को तेल चढ़ाते हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि लोग शनि देव को तेल क्यों चढ़ाते हैं?

शनि देव और हनुमान जी में हुआ था युद्ध

एक बार शनि देव को अपनी शक्तियों पर बहुत घमंड हुआ और उन दिनों हनुमान जी की वीरता के किस्से मशहूर थे। ऐसे में शनि देव हनुमान जी युद्ध करने के लिए निकल पड़े थे। शनि देव हनुमान जी के पास पहुंचे तो देखा कि भगवान हनुमान एक शांत स्थान पर अपने स्वामी श्रीराम की भक्ति में लीन बैठे है, लेकिन उन्होंने हनुमान जी को युद्ध करने के लिए ललकारा और फिर हनुमान जी शनि देव समझाने लगे शनि देव नहीं समझे। ऐसे में शनि देव और हनुमान जी के बीच जमकर युद्ध हुआ, जिसमें शनि देव काफी ज्यादा घायल हुए और बेहोश होकर गिर गये।

जब शनि देव बुरी तरह से घायल हो गये, जिसकी वजह से उन्हें पीड़ा होने लगी। इसके बाद भगवान ने शनि देव को तेल लगाने के लिए दिया, जिससे उनका पूरा दर्द गायब हो गया। हनुमान जी की सेवा से प्रसन्न होकर शनि देव ने कहा कहा कि जो मनुष्य मुझे सच्चे मन से तेल चढ़ाएगा, तो मैं उसकी सभी पीड़ा हर लूंगा और सभी मनोकामनाएं पूरी करूंगा। इसलिए लोग शनि देव को तेल चढ़ाते हैं, ताकि उनकी पीड़ा शनि देव हर लें और उनकी लाइफ में खुशियां ही खुशियां आएं।

शनि देव को रावण ने बनाया था बंदी

एक बार रावण को काफी ज्यादा अंहकार हो गया और उसने सभी ग्रहो को बंदी बना लिया था, जिसमें शनि देव भी शामिल थे। ऐसे में जब रावण की लंका में हनुमान जी गये थे और हनुमान जी ने पूरी लंका को आग लगा थी, तब उसमें शनि देव भी बुरी तरह से जल गये थे। ऐसे में हनुमान जी ने तेल से शनि देव की मालिश की। बता दें कि शनि देव बुरी तरह से पीड़ा सह रहे थे तब हनुमान जी का ध्यान उन पर गया और फिर उन्होंने तेल से मालिश की।

इसके बाद जब हनुमान जी ने शनि देव की मालिश की तो शनि देव का कष्ट कम हुआ और वे ठीक हो गए।  इसलिए फिर शनि देव ने कहा कि जो भक्त मुझे तेल चढ़ाएगा, मैं उसके सभी कष्ट दूर कर दूंगा। ऐसे में उसी दिन से शनि देव को लोग तेल चढ़ाने लगे और शनि देव उनके जीवन के सभी कष्ट हरते हैं।