जियो फ्री इन्टरनेट, फ्री कॉल के बाद दे रहा है ये शानदार सुविधा, जानकर हो जायेंगे आप हैरान!

जियो ने जैसे ही बाजार में कदम रखा वैसे ही अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों को गहरा धक्का लगा। क्योंकि रिलायंस जियो का प्लान ही कुछ ऐसा था, जिसे देखकर लोग हैरान हो गए। जिसे देखो वही जियो की सिम लेने के लिए लाइन में लगा हुआ था। आपको बता दें जियो ने अपने वेलकॉम प्लान के तहत मुफ्त कॉल और मुफ्त इन्टरनेट की सुविधा 31 दिसंबर तक के लिए दी थी। लेकिन नए वर्ष के आने की ख़ुशी में इसे 1 दिसंबर से बढ़ाकर मार्च 2017 तक कर दिया है। हालांकि पहले हर रोज 4जीबी 4जी नेट मिलता था, अब केवल हर रोज 1जीबी ही मिलेगा।

रिलायंस शुरू कर सकता है पायलट पेमेंट बैंक की सुविधा:

इसके अलावा सुनने में आ रहा है कि नए वर्ष में रिलायंस पायलट पेमेंट बैंक की सुविधा भी शुरू कर सकता है। यह खबर वाकई में रिलायंस के उपभोक्ताओं के लिए अच्छी है। इससे पहले यह सुविधा केवल एयरटेल ने शुरू किया हुआ है। इस सेवा के आ जाने के बाद से लोगों को नोटबंदी से हो रही परेशानियों से राहत भी मिलेगी। इससे एक और अच्छी बात होगी कि भारत डिजीटल की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ जायेगा।

इससे पहले रिलायंस ने किया था जियो मनी एप भी लाँच:

रिलायंस ने हाल ही में प्रधानमंत्री के डिजीटल भारत की योजना की काफी सराहना करते हुए ही जियो की सेवा को और बढ़ा दिया है, ताकि लोगों पर नोटबंदी का असर थोड़ा कम हो जाए। अभी पता चला है कि रिलायंस जल्दी ही पेमेंट बैंक की सुविधा भी शुरू कर सकता है। आपको बता दें इससे पहले रिलायंस ने जियो मनी एप भी लाँच किया था, जिससे उपभोक्ताओं को काफी लाभ मिला था।

RIL और SBI का मिला जुला उपक्रम:

यह सुविधा रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का मिला जुला उपक्रम होगा। इससे यह फायदा होगा कि विमुद्रीकरण या नोटबंदी के बाद लोगों को भुगतान करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। ज्ञात हो कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 2015 में ही पारम्परिक बैंकिंग का ऑफर देते हुए 15 बैंकों को लाइसेंस दिया था, जिसे पेमेंट बैंक लाइसेंस कहा गया।

सबसे पहले इसकी शुरुआत राजस्थान में एयरटेल ने की थी:

सबकुछ देखते हुए यह कहा जा सकता है कि एयरटेल की तरह ही रिलायंस जियो भी जल्दी ही पेमेंट बैंक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस सेवा की सबसे पहले शुरुआत एयरटेल ने राजस्थान में की थी। दो दिन के अन्दर ही 10000 बचत खतों के लोगों ने इसकी सुविधा ली थी।

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