मांगलिक दोष के लक्षण: इन लक्षणों से जाने आप मांगलिक है या नहीं

मांगलिक दोष के लक्षण: हिंदू धर्म में कुंडली और ज्योतिष ज्ञान का ख़ास महत्व है. ज्योतिष विद्या व्यक्ति के जन्म से लेकर उसकी मृत्यु तक के कईं गहरे राज़ बयान करती है. ऐसे में किसी व्यक्ति की कुंडली देख कर हम उसके स्वभाव, व्यक्तित्व और गुणों का अंदाजा लगा सकते हैं. भारतीय ज्योतिष विद्या की कुंडलियाँ दो प्रकार की गणना पर आधारित है. जिनमे से एक है सूर्य और दूसरा चंद्र. जिनमे से 1 सूर्य का, 2 चंद्र का और 9 मंगल का नंबर माना जाता है. ऐसे में ज्योतिष विद्या के अनुसार राहू और केतु आठवें और नौवे ग्रह है. इन सभी ग्रहों का इंसान से ख़ास रिश्ता है. जब व्यक्ति की कुंडली के पहले, दुसरे, चौथे, सातवें, आठवे और बाहरवे भाव में मंगल होता है तो उस व्यक्ति को मंगल दोष ग्रसित माना जाता है जिसे साधारण भाषा में मांगलिक दोष के नाम से भी जाना जाता है. ऐसे में मांगलिक दोष के लक्षण का समय पर पता चलना बेहद आवश्यक है.

मांगलिक दोष वाले व्यक्ति की कुंडली देख कर उसके मंगल दोष का पता लगाया जा सकता है. आपको बता दें कि मांगलिक दोष व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह की उग्र दशा के कारण होता है जो कि वैवाहिक जीवन में कईं बाधाएं लाता है. बहुत से मांगलिक दोष पीड़ितों की शादी होने में अड़चने अति हैं. वहीँ अन्य व्यक्तियों को इस दोष से कईं तरह के बुरे प्रभाव हो सकते हैं. मांगलिक दोष से पीड़ित व्यक्ति में उर्जा को गतिशील रखने के लिए इस दोष के असर को कम करना बेहद जरूरी है. आज हम आपको मांगलिक दोष के लक्षण और इस दोष से बचने के उपाय बताने जा रहे हैं जो आपके लिए मददगार साबित होंगे.

मांगलिक दोष के लक्षण

  • यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के प्रथम भाव में मंगल और शनि हो और राहू श्रीण चंद्रमा के साथ हो, शत्रु राशि कुम्भ, मकर में हो तो समझिये वः व्यक्ति मांगलिक दोष से पीड़ित है.
  • यदि आपके विवाह में लगातार प्रयासों के बाद भी अड़चने आ रही हैं या तमाम कोशिशों के बावजूद भी विवाह देरी से होता है और घर में दुःख एवं क्लेश का भाव बना रहता है तो समझिये आपकी कुंडली में मंगल बिराजमान है.
  • मंगल ग्रह का सबसे अधिक असर आँखों की पुतलियों पर पड़ता है. इसके प्रभाव से व्यक्ति की आँखों की पुतलियाँ ऊपर की और अधिक झुकी होती हैं.
  • मंगल ग्रह के प्रभाव से या तो बड़ा भाई ना होने की सम्भावना होती हैं या फिर अगर बड़ा भाई है तो उससे हर समय अनबन होती रहती है.
  • मांगलिक दोष वाले लोगों को बच्चे पैदा करने में अडचने आती है और कई बार बच्चा पैदा होने के पश्चात ही मर जाता है.
  • मांगलिक दोष से पीड़ित लोगों की एक आँख से कम दिखाई देता है या फिर एक आँख से दिखना बिलकुल बंद हो जाता है.

मंगल दोष के उपाय

यदि आपको परिवार के किसी व्यक्ति में मांगलिक दोष के लक्ष्ण दिखाई दे रहे हैं, तो आपको समय पर सतर्कता बरतनी चाहिए. मंगल दोष से बचने के उपाय निम्नलिखित हैं-

  1. कहते हैं ज़हर को ज़हर ही काट सकता है, ऐसे में जिस लड़की की कुंडली में मांगलिक दोष है उसकी शादी भी मांगलिक लड़के से करवाना ही एकमात्र उपाय है.
  2. यदि आप मांगलिक दोष से पीड़ित हैं तो आपको अपने विवाह से पहले पीपल के वृक्ष के साथ विवाह कर लेना चाहिए और उसके बाद शालिग्राम पूजन करवा कर ही वर/वधु से दूसरा ब्याह करें. ऐसा करने से आपका मंगल दोष खतम हो जाएगा.
  3. मंगल ग्रह के दोष से बचने के लिए आप भगवान गणेश और मंगल ग्रह का जप करीं. इसके लिए आप “ॐ हिं णमो सिद्धाणं “II इस मंत्र का जाप करें.
  4. मंगल ग्रह का रंग लाल होता है इस कारण से लाल किताब में मांगलिक दोष के जातकों को लाल रंग का रुमाल रखना चाहिए.
  5. यदि आपके पंचव भाव में मंगल बैठा है तो अपने सिर के पास पानी रख कर सोयें और सुबह उठते ही वह पानी किसी पेड़ पर डाले. इसके इलावा अपने पिता के नाम पर दान पुण्य करें इससे आपको मगल दोष से निजात मिलेगा.
  6. मंगल दोष से छुटकारा पाने के लिए आप लाल रंग के कपड़े में सौंफ बांधकर अपने सोने वाले कमरे में रख दें.
  7. जो व्यक्ति मंगल दोष से पीड़ित है उसे मंगलवार के दिन व्रत अवश्य रखना चाहिए. और साथ में हनुमान जी की आराधना भी करनी चाहिए.
  8. हर मंगलवार के दिन शिवलिंग पर लाल कुमकुम चढ़ाएं. इसके साथ आप लाल रंग के गुलाब के फूल को भी शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं.