‘धरती का अंत नज़दीक, जिंदा रहना है तो खोजना होगा नया ग्रह’ – स्टीफेन हॉकिंग

नई दिल्ली – धरती पर मानव जाति की उम्र अब 1000 साल से भी कम बची है, ऐसा हम नहीं बल्कि सदी के सबसे मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने ऑक्सफोर्ड यूनियन डिबेटिंग सोसाइटी में एक स्पीच के दौरान दुनिया भर के देशों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है। स्टीफन हॉकिंग ने स्पष्ट कहा है कि या तो मानव को रहने के लिए दूसरी धरती खोजनी होगी या फिर इस मानव जाति का अंत हो जाएगा। Stephen hawking warns humans on Earth.

हॉकिंग ने कहा, “पिछले 50 सालों में अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बहुत बदल गई है और मुझे इस बात की खुशी है कि इसमें छोटा सा योगदान मेरा भी है।”

 

इंसानों को रहने के लिए ढूंढनी होगी दूसरी धरती –

स्टीफन ने कहा कि अगर इंसान ने अगले एक हजार साल में अपने रहने के लिए कोई दूसरा ग्रह नहीं खोजा तो उसका अस्तित्व समाप्त हो सकता है। अंतरिक्ष के रहस्यों के गिने-चुने जानकारों में शुमार किए जाने वाले हॉकिंग ने कहा है, “मुझे नहीं लगता है कि हम इस नाजुक ग्रह पर एक हजार साल और रह पाएंगे।”

कमजोर हो चुकी है धरती –

74 वर्षीय प्रो. हॉकिंग के हवाले से द डेली एक्सप्रेस ने कहा कि इंसान यूनिवर्स का एक छोटा-सा हिस्सा है, मगर यह गर्व की बात है कि वह इसे इतने करीब से समझ सका है। “मुझे नहीं लगता कि हम धरती पर अगले एक हजार साल तक सर्वाइव कर पाएंगे। हमें किसी दूसरे ग्रह पर जाना होगा।” उन्होंने कहा कि हमारा ग्रह इतना कमजोर हो चुका है कि आने वाले एक हजार साल के बाद वह जीवन को संभालने में सक्षम नहीं होगा।

गौरतलब है कि साल 2009 में नासा ने स्पेस में धरती जैसे ग्रहों की खोज के लिए एक अभियान चलाया था। इसके अनुसार, स्पेस में 4600 ऐसे ग्रह हैं, जहां इंसान के जीवन पर विचार किया जा सकता है। नासा के मुताबिक, 2300 ग्रहों पर जाकर रहा जा सकता है।

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