पृथ्वी शॉ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक के साथ किया आगाज, जानिए कौन से रिकॉर्ड किए अपने नाम

भारत-विंडीज टेस्ट सीरीज की शुरूआत हो चुकी है। पहले दिन भारतीय ओपनर पृथ्वी शॉ जो अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं, उन्होंने शानदार शतक जड़कर रिकॉर्डों की झड़ी लगा दी है। पृथ्वी ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के साथ ही विंडीज के खिलाफ अपना पहला शतक जड़ा और ये 134 रनों की पारी बहुत ही खास बन गई। इस पारी ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को आकर्षित किया है। और खूब सुर्खियां भी बटोरी हैं। पृथ्वी ने महज 18 साल की उम्र में अपना पहला अंतराष्ट्रीय शतक बनाकर सभी को चकित कर दिया है।

पृथ्वी ने बनाए कई रिकॉर्ड- 

  • पृथ्वी शॉ ने महज 99 गेंदों में अपना शतक पूरा किया है। ये किसी भी खिलाड़ी का टेस्ट डेब्यू में तीसरा सबसे तेज शतक है। जबकि इस सूची में पहले स्थान पर शिखर धवन हैं जिन्होंने महज 85 गेंदों का सामना करते हुए शतक जमाया था। जबकि दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के ड्वेन स्मिथ शामिल हैं जिन्होंने 93 गेंदों का सामना करते हुए शतक लगाया था।

  • अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करते हुए  सबसे कम उम्र में पृथ्वी शॉ शतक जमाने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। पृथ्वी के अलावा बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल, जिंबाब्वे के हैमिल्टन मसाकादजा, और पाकिस्तान के सलीम मलिक का नाम शामिल है।
  • इनके अलावा पृथ्वी शॉ अपने अंतराष्ट्रीय कैरियर का पहला शतक जड़ने वाले कम उम्र के दूसरे सबसे युवा बल्लेबाज हैं। पहले स्थान पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का नाम शामिल है। उन्होंने महज 17 साल और 112 दिन की उम्र में सन 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में अपना पहला शतक जमाया था। पृथ्वी ने 18 साल 329 दिन के उम्र में ये काम कर दिखाया है। दिलचस्प बात ये है कि तीसरे स्थान पर भी भारत के ही दिग्गज कपिल देव का नाम है जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 20 साल और 21 दिन की उम्र में शतक जड़ा था।

पृथ्वी की संघर्षपूर्ण जिंदगी- मुंबई के 18 वर्षीय पृथ्वी ने आज अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना डेब्यू किया है। और शानदार शतक जमाकर इस डेब्यू को और भी खूबसूरत बना दिया। लेकिन इस 18 वर्षीय युवा की जिंदगी बहुत ही संघर्षपूर्ण रही है। महज चार वर्ष की उम्र में पृथ्वी ने अपनी मां खो दी थी। इसके बाद उनके पिता पंकज ने पृथ्वी के लालन-पालन की सारी जिम्मेदारी उठाई। पृथ्वी को खिलाने-पिलाने से लेकर क्रिकेट के मैदान में अभ्यास के लिए छोड़ने तक की सारी जिम्मेदारी पिता ने निभाई। और आज ये खिलाड़ी भारतीय टीम का नया सितारा बनकर उभर रहा है। इस खिलाड़ी के यहां तक पहुँचने की कहानी बहुत ही संघर्षपूर्ण है। वैसे तो भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में जगह पाना ही अपने आप में एक गर्व की बात है, फिर पृथ्वी ने इस मौके को अपने पहले शतक से और भी खास बना दिया है।