जस्टिस रंजन गोगोई बने देश के प्रधान न्यायाधीश,’पहले ही दिन दिखे एक्शन में,जारी किया नया रोस्टर’

जस्टिस रंजन गोगोई ने आज चीफ जस्टिस पद की शपथ ली। वे देश के 46 वें प्रधान न्यायाधीश बने हैं। जस्टिस रंजन गोगोई ने पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की जगह ली है। बता दें कि पूर्व CJI दीपक मिश्रा कल यानी 2 अक्टूबर को अपने कार्यकाल से सेवानिवृत्त हुए हैं। आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जस्टिस रंजन गोगोई को CJI पद की शपथ दिलाई। जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल 13 महीनों के लिए ही होगा।

कौन हैं जस्टिस रंजन गोगोई- 18 नवंबर 1954 को केशव चंद्र गोगोई के घर जन्मे जस्टिस रंजन गोगोई की स्कूली शिक्षा डिब्रूगढ़ में ही हुई इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई 1978 से वकालत कर रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने गुवाहाटी उच्च न्यायालय में संवैधानिक, कराधान और कंपनी मामलों मेंं वकालत की। 2001 में गुवाहाटी उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश बने। 2010 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायलय में तबादला किया गया और 2011 में वहां के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए। जस्टिस रंजन गोगोई को 2012 में सुप्रीम कोर्ट का न्यायधीश चुना गया था।

आज से ही पूरे एक्शन मोड में CJI- जस्टिस रंजन गोगोई आज से ही एक्शन मोड में दिखे। पहले ही दिन उन्होंने चुनाव सुधार याचिका को खारिज किया। और सबसे बड़ा एक्शन लेते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का नया रोस्टर जारी कर दिया। बता दें कि ये रोस्टर आज से लागू होंगे।

नए रोस्टर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई जनहित याचिका, चुनाव से संबंधी याचिका, कोर्ट के अवमानना से जुड़ी याचिका, सामाजिक न्याय,अपराधिक मामले और संवैधानिक पदों पर नियुक्ति की याचिकाओं को सुनेंगे और उन पर फैसला देंगे।

सुप्रीम कोर्ट के दूसरे नंबर के जज मदन बी. लोकुर को PIL, वन संरक्षण, भूमि, जल, पेड़, पैरामिलिट्री फोर्स, सेना और खनन जैसे मामले दिए गए हैं।

नए रोस्टर के मुताबिक ये तय हुआ है कि जस्टिस कुरियन जोसेफ अवमानना, धार्मिक, बैंकिंग, पर्सनल लॉ, आपराधिक, सरकारी ठेके, श्रम, टैक्स, किराया, भूमि अधिग्रहण, न्यायिक अधिकार से जुड़े सभी मामलों में फैसला देंगे।

जस्टिस सीकरी को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर, चुनाव और आपराधिक मामलों को सौंपा गया है।

रोस्टर विवाद को लेकर किया था प्रेस कॉन्फ्रेंस- जस्टिस रंजन गोगोई समेत चार वरिष्ठ जजों ने जनवरी के माह मेंं प्रेस कान्फ्रेंस कर रोस्टर पर सवाल उठाए थे। तब चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा थे। रोस्टर का मामला काफी विवादों में रह चुका है। रोस्टर को लेकर इन चारों चजों ने तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से बातचीत की थी। लेकिन बाद में यही पक्का हुआ कि चीफ जस्टिस जो तय करेंगे वो अंतिम निर्णय होगा।