प्रधानमंत्री के नोटबंदी वाले फैसले से सेना खुश, बोली हमपर पत्थर फेंकने वालों के हुक्मरान हो चुके हैं कंगाल!

ठंढे पड़ गए कश्मीर के अलगाववादी: केंद्र सरकार नोटबंदी वाले फैसले से कश्मीर में इस समय अमन और शांति का माहौल बना हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण है, अब पाकिस्तान से उनके लिए नकली छपे हुए नोट नहीं आ पा रहे हैं। ज्ञात हो अभी कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पुराने 500 और 1000 के बड़े नोटों के ऊपर पाबन्दी लगा दी थी। प्रधानमंत्री ने इतना बड़ा फैसला पाकिस्तान से होने वाले जाली नोटों के धंधों को समाप्त करने के लिए लिया था। उनके द्वारा उठाये हुए कदम का सार्थक असर देखने को मिल रहा है।

कश्मीर के अलगाववादी इस समय ठंढे पड़ गए हैं

कश्मीर के अलगाववादी इस समय ठंढे पड़ गए हैं और वहाँ शांति का माहौल है। यह कितने दिन तक रहेगा यह कहना मुश्किल है। आपको बता दें पाकिस्तान कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए अपने एजेंटों और अलगाववादी नेताओं का इस्तेमाल करती है। ये लोग मिलकर भारतीय सेना का ध्यान भंग करने के लिए कश्मीरी युवाओं को पैसे का लालच देखर सेना के ऊपर पत्थर फेंकने का काम देते थे।

भारतीय सेना इस समय प्रधानमंत्री के नोटबंदी वाले फैसले से बहुत खुश है, क्योंकि अब कश्मीर में पत्थारबाजों की संख्या ना के बराबर रह गयी है। इसका कारण है कि उन्हें जिनके द्वारा पैसा दिया जाता था वो कंगाल हो चुके हैं। आतंकियों और अलगाववादियों का आका पाकिस्तान, जाली नोटों के धंधे के बंद होने के बाद कंगाल हो चुका है।

पत्थर फेंकने के लिए हर रोज 300 से 500 रुपये दिया करते थे

आपको बता दें पत्थर फेंकने के लिए अलगाववादी कश्मीरी युवाओं को हर रोज 300 से 500 रुपये दिया करते थे। प्रधानमंत्री के फैसले से इन सबकी दुकानों पर ताला लग गया है और जो अराजकता फैलाने का काम चल रहा था, वह भी ठंढा हो चुका है। अलगाववादी कश्मीर में आतंक को फैलाने के लिए हवाला के धंधे पर निर्भर रहते थे। अलगाववादियों को तोड़ने के लिए इससे बेहतर कोई और रास्ता हो ही नहीं सकता है।

गृहमंत्रालय से यह खबर मिली है कि नोटबंदी की इस घोषणा के बाद अलगाववादी नेता कम से कम 5-6 महीने तक किसी भी काम को करने लायक नहीं बचे हैं। इससे उम्मीद है कि कुछ दिनों तक कश्मीर में शांति का माहौल बना रहेगा। इस घटना के बाद से कई आतंकी संगठन टूटने की कगार पर हैं, वे लोग अपनी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में पूरी तरह से असमर्थ हो चुके हैं। उनके पास अपना काम करने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। आतंकियों का आका पाकिस्तान के पास उनको देने के लिए कुछ नहीं बचा है।

आपको ज्ञात होगा कि पाकिस्तान के पेशावर में भारतीय रुपयों की नक़ल करके जाली नोट बनाने का टकसाल था, जो अब पूरी तरह से बंद हो चुका है। हर साल पाकिस्तान 500 और 1000 के 70 करोड़ मूल्य जाली नोट भारत में भेजता था, जो अब नहीं भेज पायेगा।

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