राजनीति

माल्टा के राष्ट्रपति से वेंकैया नायडू ने की मुलाक़ात, किया गया तीन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली: भारत लगातार अपनी विदेश नीति को मज़बूत करने में लगा हुआ है। 2014 में जब से पीएम मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री की कुर्सी सम्भाली है तब से वह लगातार कई देशों की यात्राएँ करके, भारत की विदेश नीति को मज़बूत करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कई ऐसे देशों की भी यात्राएँ की, जहाँ पर अब तक कोई भारतीय राजनेता नहीं गया था। पीएम मोदी के विदेश दौरों से भारत को काफ़ी फ़ायदा भी हुआ है। हालाँकि विपक्ष लगातार पीएम मोदी के विदेश दौरों की निंदा करता रहा है।

द्विपक्षीय सम्बन्धों को मज़बूत बनाने पर किया चर्चा:

भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सोमवार को माल्टा की राष्ट्रपति मैरी लुइस कोलेरो प्रेका के साथ विस्तृत चर्चा करके द्विपक्षीय सम्बन्धों को और मज़बूत बनाने के नए तरीक़ों पर विचार किया। इस दौरान भारत और माल्टा के बीच तीन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर भी किया गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें दोनो देशों ने विदेश सेवा संस्थानों के बीच तालमेल और समुद्री एवं पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के लिए तीन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किया। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछली 28 सालों से इस देश में भारत का कोई वरिष्ठ राजनेता नहीं गया था।

28 वर्षों में पहली बार भारत के वरिष्ठ नेता के रूप में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने माल्टा की राष्ट्रपति से बातचीत करने के बाद कहा कि भारत यूरोपीय संघ के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माल्टा के साथ अपने द्विपक्षीय सम्बन्धों को और मज़बूत करने का इच्छुक है। वेंकैया नायडू ने आगे कहा की, ‘भारत और माल्टा तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। अगर हम एक साथ मिलकर काम कर सकें तो निश्चित तौर पर हम और भी तेज़ी के साथ आगे बढ़ सकते हैं। लेकिन दोनो ही देशों की अर्थव्यवस्था पूरक और प्रधौगिकी पर आधारित है।’

नायडू ने आगे कहा कि, हमें आर्थिक, वैज्ञानिक और प्रधौगिकी, मानव संसाधन विकास मोर्चे पर और ठोस सहयोग के साथ सम्बंध मज़बूत करने की ज़रूरत है। आपको बता दें रविवार को माल्टा पहुँचे वेंकैया नायडू ने कहा कि माल्टा आईटी, वित्तीय सेवा, स्वास्थ्य, फ़ार्मा, परिवहन, माल ढुलाई और पर्यटन के क्षेत्र में भारत के ज़्यादा कुशल पेशेवरों का फ़ायदा उठा सकता है। नायडू ने आगे कहा कि भारत विश्व में सबसे सस्ती जेनरिक दवाओं के मुख्य स्त्रोत में से एक है। इस क्षेत्र में माल्टा सहयोग पर विचार कर सकता है। वेंकैया नायडू ने कहा कि दोनो देश स्वास्थ्य, देखभाल को बढ़ावा देने के लिए योग और आयुर्वेद के प्राचीन विज्ञान के इस्तेमाल में भी सहयोग कर सकते हैं।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और मैरी लुइस ने प्रतिनिधि स्तरीय बातचीत का नेतृत्व किया। और पर्यटन, उत्पादन, शिक्षा और पोत परिवहन जैसी मुद्दों पर भी चर्चा की। बता दें नायडू ने लिबिया से 2011 से 2014 के बीच भारतियों को सुरक्षित निकालने के लिए मदद के लिए माल्टा का शुक्रिया अदा किया है। बता दें वेंकैया नायडू का माल्टा प्रतिनिधि सभा के स्पीकर, कार्यवाहक प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और माल्टा के विपक्ष नेता से मिलने का कार्यक्रम बना था। इसके वाला वह भारतीय मूल के लोगों के साथ भी मुलाक़ात करेंगे।

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