स्वास्थ्य

यह टेस्ट पहले ही बता देगा होने वाली है दिल की बीमारी, जानिये ऐसा क्या है खास इस टेस्ट में?

बदलते जीवनशैली में लोग कई बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं, जिनमें से एक है दिल की बीमारी। जी हां, दिल की बीमारी आजकल काफी ज्यादा सामान्य हो चुकी है, जिसकी चपेट में कोई भी इंसान आ सकता है। दिल शरीर का महत्वपूर्ण पार्ट है, जिसके खराब होने से इंसान की जान तक चली जाती है। इसलिए इसका ख्याल रखना बहुत ज़रूरी है, लेकिन आजकल की बिजी लाइफ में इसका ख्याल रखने के लिए किसी के पास समय नहीं है। दिल को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले खानपान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

साइंस दिन ब दिन तरक्की करता जा रहा है। यही वजह है कि अब सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही यह पता लगाया जा सकता है कि इंसान का दिल खराब तो नहीं हुआ है। जी हां, ब्रिटेन मेें हुई एक रिसर्च के मुताबिक, अब सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही मालूम चल जाएगा कि आपका दिल स्वस्थ है या नहीं। यह टेस्ट भारतीय मुद्रा में 14 हजार में होगा, जिसके बाद अगर दिल खराब निकला तो समय रहते ही उसका इलाज शुरू कर दिया जाता है। दरअसल, यह टेस्ट आपको हार्ट अटैक से बचाने के लिए किया जाएगा, ताकि समय रहते ही दिल में होने वाली परेशानियों के बारे में आपको पता चल सके।

इस टेस्ट में होगी प्रोटीन की जांच

जी हां, इस टेस्ट में प्रोटीन की जांच होगी, जिसके ज़रिए यह पता लगाया जा सकता है कि आपका दिल कितना सुरक्षित है या फिर कहीं वो खराब तो नहीं होने वाला है। दरअसल, प्रोटीन वो पदार्थ है जो दिल के पास तरल पदार्थों की मात्रा को कंट्रोल करता है।  जब किसी कारण दिल की मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है, तो ब्रेन प्रोटीन की मात्रा को बाहर निकालने लगता है। ऐसे में इस ब्लड टेस्ट से प्रोटीन की जांच की जाएगी, जिससे दिल की बीमारी का पहले से ही पता लगाया जा सके।

ये लक्षण दिखने पर किया जाता है टेस्ट

ज़रूरी नहीं है कि हर इंसान के दिल की बीमारी का पता लगाने के लिए यही टेस्ट किया जाए, बल्कि कुछ चुनिंदा लक्षण दिखने पर ही इस टेस्ट को सबसे पहले किया जाता है। जी हां, सांस लेने में परेशानी, शरीर में सूजन, पैरों में थकान जैसी परेशानी होने पर व्यक्ति को इस ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इसके अलावा अगर दिल में किसी भी तरह की तकलीफ होती है, तो डॉक्टर इस टेस्ट को कराने की सलाह देते हैं।

बताते चलें कि इस नये टेस्ट में खून की जांच 15 मिनट के लिए किया जाता है। जिसके बाद इसकी रिपोर्ट आने में तीन दिन का समय लगता है। रिपोर्ट आने के तुंरत बाद ही इलाज शुरू कर दिया जाता है, ताकि मरीज के इलाज में और देरी न हो। इस टेस्ट में हाई ब्लड प्रैशर, दिल की अनियमित गति, दिल की धड़कन का तेज या कम होना, एनीमिया आदि परेशानियों का पता चलता है। साथ ही आपको बता दें कि यह टेस्ट बहुत सिंपल है और इसके बाद सही से इलाज किया जाता है।

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