अखिलेश यादव का बड़ा बयान ‘घमंड में चूर है बीजेपी सरकार, चुनाव में जनता देगी करारा जवाब’

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बढ़ती मंहगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। जी हां, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव का ऐलान भी कर दिया। अखिलेश यादव ने पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी को लेकर बड़ा बयान दिया है।  चलिए जानते हैं कि बढ़ती मंहगाई को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने क्या कुछ कहा?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर वार करते हुए कहा कि जब सोमवार को विपक्ष ने भारत बंद बुलाया तो बीजेपी ने कुछ जगह पेट्रोल के दाम को बढ़ा दिया। बीजेपी पूरी तरह से घमंड में चूर है। इसके अलावा यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार तो अब यह भी कह सकती है कि महंगाई से ही विकास होगा, इसलिए वे महंगाई बढ़ा रही है। इस दौरान अखिलेश ने बीजेपी पर वार करते हुए 2019 के चुनाव में बीजेपी की हार का दावा किया।

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आगामी लोकसभा चुनाव पर बात करते हुए कहा कि जिस तरह से बीजेपी अभी जनता को इधर उधर घुमा रही है, ठीक उसी तरह से जनता भी आगामी चुनावों में बीजेपी को कड़ी मात देगी। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आने दीजिए, फिर देखिये जनता किस तरह से बीजेपी से चुन चुन कर बदला लेती है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि  आज इतनी बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार हो रहे हैं, लेकिन बीजेपी को अपना चुनावी वादा भी याद नहीं है।

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी वाले कहते है कि उन्हें सत्ता से 50 साल तक कोई नहीं हटा सकता है, लेकिन शायद वो यह भूल गये हैं उपचुनावों के परिणाम को। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी जितनी घमंड में है, जनता उसे उतने ही नीचे उतार फेकेगी, क्योंकि इन्होंने एक भी चुनावी वादों को पूरा नहीं किया। पूर्व सीएम  अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षक भर्तियों में बड़े पैमाने पर घोटाला किया है, नवजवानों के साथ धोखा हुआ है।

यूपी की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बीटीसी के शिक्षकों के साथ खिलवाड़ कर रही है। बेरोजगार युवा को रोजगार देने में सक्षम नहीं है। इसके अलावा अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी देश में लोकतंत्र का अपहरण कर कॉरपोरेट व्यवस्था लागू करना चाहती है, जोकि देशहित में नहीं है।