भारत बंद का समर्थन ना करने पर राज ठाकरे ने शिवसेना पर साधा निशाना, कुत्ते से की तुलना

मुंबई: भारत में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों की वजह से सोमवार 10 सितम्बर को कांग्रेस ने भारत बंद का आह्वान किया था। कांग्रेस के इस भारत बंद में देशभर की लगभग 21 छोटी-बड़ी पार्टियों ने हिस्सा लिया था। वहीं देश की कई राजनीतिक पार्टियों ने कांग्रेस के इस क़दम की कड़ी निंदा भी की। इसी में से एक पार्टी थी शिवसेना। शिवसेना ने कांग्रेस के भारत बंद के बुलावे को अस्वीकार किया और भारत बंद की कड़ी निंदा भी है। भारत बंद में शामिल ना होने पर महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शिवसेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।

कुत्ते की एक नस्ल होती है जिसे मालूम नहीं होता है किधर देखे:

आपकी जानकारी के लिए बता दें राज ठाकरे ने भारत बंद का समर्थन ना करने पर शिवसेना की तुलना कुत्ते तक से कर दी। राज ठाकरे ने कहा कि, ‘कुत्ते की एक नस्ल होती है, जिसे यह मालूम नहीं होता है कि किधर देखें। ठीक यही स्थिति शिवसेना की है। राज ठाकरे ने शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि, जब उनका पैसा अटक जाता है तो वो गठबंधन से बाहर निकलने की बात करते हैं। वहीं जब उनका काम आसानी से होता है तो वो चुप्पी साधे रहते हैं।’

बता दें शिवसेना ने कांग्रेस के भारत बंद को असफल क़रार दिया है। राज ठाकरे ने शिवसेना पर क़रार हमला करते हुए कहा कि, ‘देश पिछले चार साल से यह सब देख रहा है। शिवसेना के केवल पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती क़ीमतों पर सम्पादकीय लिखा है। राज ठाकरे ने अपना हमला करारा करते हुए कहा कि अब शिवसेना के पास निभाने के लिए कोई किरदार नहीं बचा है। वो यह नहीं जानते हैं कि उन्हें करना क्या है। अब शिवसेना को भाव देने की ज़रूरत नहीं है।’

किया गया है 1 लाख 20 हज़ार कुएँ खोदे जानें का झूठा दावा:

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने वर्तमान केंद्र की मोदी सरकार की तुलना पिछली यूपीए सरकार से करते हुए कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार पहले की यूपीए सरकार से भी ख़राब है। महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए राज ठाकरे ने कहा कि, महाराष्ट्र सरकार ने जल संकट से निपटने के लिए राज्य में एक लाख 20 हज़ार कुएँ खोदे जानें का झूठा दावा किया। वहीं राज्य को खुले में शौच मुक्त बनाने का भी झूठा दावा किया गया है। बता दें शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को इस बात को कर दिया था कि बंद से दूर रहने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें फ़ोन किया।

शिवसेना समय-समय पर उठाता रहा है भाजपा के ख़िलाफ़ आवाज़:

संजय राउत ने कहा कि भारत बंद में हिस्सा ना लेने का फ़ैसला शिवसेना का अपना फ़ैसला था। इसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है। आपको बता दें शिवसेना भले ही एनडीए गठबंधन में शामिल है, लेकिन जब भी उसे मौक़ा मिलता है, वह मोदी सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने से नहीं चुकती है। समय-समय पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लेख लिखकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना भी साधा है।