खुल गई अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल की पोल, वजन मापा गया तो सामने आया बड़ा घोटाला

अनशन करना भारत में सदियों से होता आ रहा है. जब किसी की मांगे पूरी नहीं की जा सकती तो वे अनशन पर बैठ जाते हैं, फिर वो आम छात्र हों या फिर कोई नेता. भारत में लोकतंत्र है और हर किसी को अपना पक्ष रखने का हक है. कुछ ऐसा ही इन दिनो पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल भी कर रहे हैं. हार्दिक पटेल ने आमरण अनशन का प्रण लिया है और उनके अनशन को लगभग 13 दिन हो गए हैं. हालांकि अब हार्दिक अपने अनशन को लेकर विवादों में भी घिर गए हैं, लोगों को लगता है कि इस अनशन में कुछ घोटाला है. खुल गई अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल की पोल, अनशन के दौरान उनका वजन घटना चाहिए लेकिन कुछ मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक ये बढ़ रहा है. चलिए बताते हैं आपको क्या है पूरा मामला ?

अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल का वजन कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है, जबकि पहले एक रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक का वजन 20 किलोग्राम में कमी पाई गई थी. अनशन पर बैठने से पहले हार्दिक पटेल का वजन 78 किलो था, फिर अनशन के 11वें दिन उनका वजन घटकर 58 किलो हो गया था.

यानी हार्दिक का वजन अनशन के दौरान लगबग 20 कम हुआ. मगर अब हैरानी वाली बात सामने आई है, सोला सिविल अस्पताल की टीम ने उनके वजन बढ़ने की सूचना दी है. अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक जब मंगलवार की शाम को हार्दिक पटेल का मेडिकल टेस्ट करवाया गया जिसमें उनका वजन 65 किलोग्राम निकला. वहीं बुधवार यानी 5 सितंबर की सुबह उनका मेडिकल टीम की तरफ से एक और जांच हुआ जिसमें उनके वजन के लिए बढ़ोत्तरी पाई गई है. सोला सिविल अस्पताल के अनुसार, हार्दिक पटेल का घटने की बजाए उसमें बढ़ोत्तरी पाई गई. अब इस खबर से सोशल मीडिया पर हार्दिक पटेल ट्रोलर्स के निशाने पर हैं.

लोग हार्दिक के इस अनशन पर सवाल उठाने लगे हैं. अब इस बात का अंदाजा नहीं लग पा रहा है कि हार्दिक पटेल का वजन आखिर क्यों और कैसे बढ़ रहा है. हालांकि कुछ टेस्ट और किए गए हैं जिनकी रिपोर्ट्स आनी अभी बाकी है, फिलहाल वे ट्रोलर्स के द्वारा कुछ यूं ट्रोल किये जा रहे हैं.

20 जुलाई, 1993 को गुजरात में जन्में हार्दिक पटेल सोशल वर्क का काम करते हैं. वे किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं है. वे बीजेपी और कांग्रेस दोनों का समय-समय पर विरोध करते हैं. सरकार में जो आरक्षण की वजह से नौजवानों की नौकरियां नहीं मिल पातीं वे इसके लिए पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति चला रहे हैं. हार्दिक नई राजनीति से देश में नई योजनाएं लाना चाहते हैं, देखना ये है कि वे अपने इस मिशन में कामयाब होते हैं या फिर वे भी दूसरे विरोधियों की तरह बस बातें ही करते रह जाएंगे. अब ये बात तो समय के साथ ही देश वासियों को पचा चलेगी.